लखनऊ। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर परिवहन निगम की बसों और बस अड्डों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाएगी। यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के साथ भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने परिवहन निगम के अधिकारियों को जन्माष्टमी के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से पहले ही सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि पर्व के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

चार सितंबर को मनाई जाएगी जन्माष्टमी

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व चार सितंबर को मनाया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा और उनसे जुड़े वृंदावन व गोवर्धन जैसे धार्मिक स्थलों पर इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क परिवहन पर यात्रियों का दबाव बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए परिवहन निगम को पहले से तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं।

बस अड्डों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम

जन्माष्टमी के दौरान बस अड्डों पर सामान्य दिनों के मुकाबले अधिक भीड़ रहने की संभावना है। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।

अधिकारियों को बस अड्डों पर यात्रियों की आवाजाही व्यवस्थित रखने के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया है। भीड़ अधिक होने की स्थिति में यात्रियों को बसों तक सुरक्षित तरीके से पहुंचाने और अनावश्यक जमाव को रोकने के उपाय किए जाएंगे।

बस अड्डों पर तैनात कर्मचारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

यात्रियों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए बसों के संचालन से लेकर बस अड्डों की व्यवस्था तक सभी स्तरों पर निगरानी रखी जाएगी।

श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए जरूरत के अनुसार बस सेवाओं का प्रबंधन किया जाएगा। विशेष रूप से मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन की ओर जाने वाले मार्गों पर यात्रियों की संख्या पर नजर रखने को कहा गया है।

भीड़ प्रबंधन पर रहेगा विशेष जोर

जन्माष्टमी के दौरान धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाले बस अड्डों पर अचानक यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन बड़ी चुनौती होगी।

परिवहन विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बसों में यात्रियों को व्यवस्थित तरीके से बैठाया जाए और क्षमता तथा सुरक्षा संबंधी नियमों का ध्यान रखा जाए।

यात्रियों की संख्या बढ़ने पर बसों के संचालन में बेहतर समन्वय रखा जाएगा, जिससे किसी एक स्थान पर अत्यधिक भीड़ जमा न हो।

मथुरा-वृंदावन रूट पर विशेष नजर

भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली होने के कारण जन्माष्टमी पर मथुरा श्रद्धालुओं के आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र रहता है। वृंदावन के मंदिरों और गोवर्धन में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

इस कारण इन धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाले मार्गों पर परिवहन व्यवस्था का दबाव बढ़ जाता है। परिवहन निगम को इन मार्गों पर यात्रियों की संख्या के अनुसार बस सेवाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

जरूरत के मुताबिक व्यवस्था में बदलाव कर यात्रियों को समय पर गंतव्य तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

बसों की फिटनेस पर भी ध्यान

त्योहारी भीड़ के बीच यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बसों की तकनीकी स्थिति महत्वपूर्ण है। संचालन में लगाई जाने वाली बसों की आवश्यक जांच पर भी ध्यान दिया जाएगा।

वाहनों में किसी तकनीकी खराबी के कारण यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित कर्मचारियों को सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। बसों की उपलब्धता और संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं को पहले से तैयार रखने पर जोर दिया गया है।

अधिकारियों को पहले से तैयारी के निर्देश

परिवहन विभाग ने अंतिम समय पर व्यवस्था करने के बजाय पहले से तैयारी पूरी करने को कहा है। बस अड्डों पर कर्मचारियों की तैनाती, यात्रियों की जानकारी और बसों के संचालन की व्यवस्था को समय रहते दुरुस्त किया जाएगा।

अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाने और भीड़ बढ़ने की स्थिति में तत्काल निर्णय लेने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

श्रद्धालुओं को न हो परेशानी

जन्माष्टमी के दौरान श्रद्धालुओं को बसों की जानकारी और उनके संचालन से जुड़ी सही सूचना उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण होगा। यात्रियों को बसों के प्रस्थान और गंतव्य से संबंधित जानकारी आसानी से मिले, इसके लिए बस अड्डों की व्यवस्था को बेहतर रखने पर जोर दिया गया है।

विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों को भीड़ में परेशानी न हो, इसके लिए कर्मचारियों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।

पुलिस और प्रशासन से समन्वय

धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों और बस अड्डों पर भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए परिवहन विभाग स्थानीय पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करेगा।

यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति में बसों के संचालन को सुचारू बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों के बीच तालमेल महत्वपूर्ण रहेगा।

मथुरा और वृंदावन जैसे क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने के कारण यातायात प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान देना होगा।

जन्माष्टमी से पहले तैयारियां पूरी करने पर जोर

चार सितंबर को जन्माष्टमी से पहले परिवहन विभाग सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने में जुटा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद विभाग ने बसों की उपलब्धता, यात्रियों की सुरक्षा और बस अड्डों पर भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता दी है।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराने में किसी तरह की लापरवाही न हो। मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर उसके अनुरूप व्यवस्था की जाएगी।

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