तपस्वी छावनी के महंत को लेकर अयोध्या में संत दो गुटों में बंटे, साधुओं ने डीआईजी मुलाकात कर की सुरक्षा की मांग
उत्तरप्रदेश, रुपेश श्रीवास्तव : अयोध्या धाम के तपस्वी छावनी के नए महंत को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। आज परमहंस के समर्थन में हनुमानगढ़ी के नागा साधुओ ने डीआईजी, डीएम और एसएसपी से मुलाकात कर सुरक्षा की मांग की है, हनुमानगढ़ी के नागा साधु महंत दिलीप दास को बाहरी मानते हैं जो उन्हें स्वीकार नहीं है। 12 सितंबर को परमहंस के नए महंत को लेकर कंठी चादर और भंडारा होना है। तो वहीं 12 सितंबर को ही दूसरे पक्ष जगन्नाथ मंदिर अहमदाबाद के दिलीप दास की भी कंठी चादर होनी है। 12 सितंबर को जिला प्रशासन की अग्नि परीक्षा होनी है।
दरअसल, तपस्वी छावनी के महंत को लेकर अयोध्या में संतों का दो गुट हो गया है। एक गुट जो हनुमानगढ़ी का है वह परमहंस के समर्थन में है दूसरा गुट जिसका नेतृत्व राम वल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास कर रहे हैं वह अहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर के महंत दिलीप दास है।बताया जाता है कि 2019 में तपस्वी छावनी में एक ट्रस्ट बना था जिसमें दिलीप दास को भावी महंत बताया गया था।
वहीं परमहंस का दावा है कि वे स्वर्गीय महंत सर्वेश्वर दास के शिष्य हैं और बचपन से लेकर अभी तक वह तपस्वी छावनी में रहते आए हैं और वही असली महंत है। अब देखना यह होगा कि 12 सितंबर को तपस्वी छावनी का महंत कौन होता है और इसी दिन जिला प्रशासन की अग्नि परीक्षा भी होनी है क्योंकि संतो के दोनों गुट 12 सितंबर को आमने सामने होंगे। फिलहाल तपस्वी छावनी पर परमहंस का कब्ज़ा है और उन्होंने छावनी के गेट पर ताला लगा दिया है.