मुजफ्फरनगर में साध्वी प्राची ने उठाया पहचान का मुद्दा, जंतर-मंतर आंदोलन पर भी साधा निशाना
आंदोलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।
मुजफ्फरनगर : सावन माह की कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंच चुकी है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लाखों शिवभक्त उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों की ओर बढ़ रहे हैं। इसी बीच सोमवार को विश्व हिंदू परिषद की नेत्री साध्वी प्राची मुजफ्फरनगर के ऐतिहासिक शिव चौक पहुंचीं। यहां उन्होंने कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं, यात्रा मार्ग पर संचालित होटल-ढाबों की पहचान और दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।
साध्वी प्राची ने कांवड़ यात्रा को दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक बताते हुए कहा कि यह केवल एक यात्रा नहीं बल्कि करोड़ों शिवभक्तों की आस्था और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु कई सौ किलोमीटर की पैदल यात्रा कर भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि कांवड़ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।
"कांवड़ यात्रा श्रद्धा और विश्वास का महापर्व"
शिव चौक पर मीडिया से बातचीत करते हुए साध्वी प्राची ने कहा कि कांवड़ यात्रा में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस दौरान सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी पक्षों को जिम्मेदारी से काम करना चाहिए।
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की ओर से की गई तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई स्तरों पर इंतजाम किए गए हैं।
होटल-ढाबों पर संचालकों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग
साध्वी प्राची ने कांवड़ मार्ग पर संचालित होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर संचालकों की वास्तविक पहचान लिखने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि व्यापार करने वाले लोगों को अपनी पहचान सार्वजनिक करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। इससे श्रद्धालुओं के बीच पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी प्रकार के भ्रम की स्थिति नहीं बनेगी।
उन्होंने कहा कि पहचान स्पष्ट होने से किसी भी तरह के विवाद को रोकने में मदद मिलेगी। साध्वी प्राची ने प्रदेश सरकार की ओर से इस दिशा में उठाए गए कदमों का समर्थन करते हुए कहा कि व्यवस्था और पारदर्शिता के लिए यह जरूरी है।
पहचान छिपाकर कारोबार करने वालों पर जांच की मांग
साध्वी प्राची ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर लोग अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर कारोबार कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्थान पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में किसी विशेष मामले या सार्वजनिक साक्ष्य का उल्लेख नहीं किया।
जंतर-मंतर आंदोलन पर भी साधा निशाना
कांवड़ यात्रा के मुद्दों के अलावा साध्वी प्राची ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आंदोलन केवल सामान्य प्रदर्शन नहीं बल्कि एक सुनियोजित अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन में यदि कानून विरोधी गतिविधियां सामने आती हैं तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
श्रद्धालुओं से अनुशासन बनाए रखने की अपील
साध्वी प्राची ने कांवड़ यात्रियों से अपील की कि वे यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था के साथ-साथ सेवा, संयम और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन, पुलिस और श्रद्धालुओं के आपसी सहयोग से इस वर्ष की कांवड़ यात्रा भी शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न होगी। उन्होंने कहा कि लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी को मिलकर सकारात्मक माहौल बनाए रखना चाहिए।