मथुरा: वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की 25 सितंबर को हुई मौत के मामले में अब तक चार अलग-अलग CCTV फुटेज सामने आ चुके हैं। इन फुटेज में वह अपने फ्लैट से निकलकर छत की ओर जाते, छत पर कुछ समय बिताते और बाद में नीचे गिरते दिखाई देते हैं। अब तक सामने आए वीडियो में फ्लैट से छत तक उनके साथ कोई दूसरा व्यक्ति चलता नजर नहीं आया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

रसिक दुलारी शरण वृंदावन के
बाराहघाट क्षेत्र
स्थित गुरुकृपा कुंज अपार्टमेंट में रह रहे थे। घटना के बाद से उनकी मौत को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। पुलिस ने शुरुआत से ही परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और उनके आखिरी मूवमेंट को समझने की कोशिश की। पहला CCTV वीडियो 27 सितंबर को सामने आया था। इसमें रसिक दुलारी शरण चौथी मंजिल से नीचे गिरते दिखाई दिए। इसी दौरान पास से एक व्यक्ति साइकिल पर गुजरता नजर आया। इस वीडियो के सामने आने के बाद घटना को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
इसके बाद 29 सितंबर को दूसरा वीडियो सामने आया। इसमें वह छत पर अकेले दिखाई देते हैं। कुछ देर तक वह वहां बैठे और लेटे नजर आते हैं। बाद में वह अचानक उठते हैं और छत की मुंडेर की ओर जाते दिखाई देते हैं। इसके तुरंत बाद एक अन्य व्यक्ति छत पर पहुंचकर नीचे की ओर देखता नजर आता है।
तीसरा CCTV फुटेज 5 अक्टूबर को सामने आया। इसमें रसिक दुलारी अपने कमरे से बाहर निकलते और सीढ़ियों के रास्ते ऊपर जाते दिखाई देते हैं। फुटेज में उनके कपड़ों पर खून के निशान दिखाई देने की बात भी सामने आई है। इस वीडियो के बाद पुलिस ने घटना से पहले की परिस्थितियों की जांच और गहराई से शुरू की। 6 अक्टूबर को चौथा फुटेज प्रसारित हुआ। इसमें भी रसिक दुलारी अपने फ्लैट से बाहर निकलते और अकेले सीढ़ियां चढ़ते दिखाई दे रहे हैं। अब तक सामने आए फुटेज की महत्वपूर्ण बात यह है कि फ्लैट से छत तक उनके साथ कोई दूसरा साधक नजर नहीं आता।
पुलिस जांच में कमरे से खून से सना ग्राइंडर भी मिलने की बात सामने आई थी। अधिकारियों के अनुसार, घटना से पहले रसिक दुलारी ने खुद को गंभीर चोट पहुंचाई थी। CCTV फुटेज और कमरे से मिले साक्ष्यों को जोड़कर पुलिस पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार कर रही है। मामले में शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया है, लेकिन घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस CCTV फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्य और घटनास्थल से मिली वस्तुओं की जांच के आधार पर निष्कर्ष तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
रसिक दुलारी शरण का मूल नाम दीपक लोधी बताया गया है। वह वृंदावन में रहकर साधु जीवन व्यतीत कर रहे थे और संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े हुए थे। उनकी अचानक मौत की खबर सामने आने के बाद भक्तों और परिचितों में भी शोक का माहौल रहा। अब एक के बाद एक सामने आए CCTV फुटेज से घटना के पहले के कई मिनटों की गतिविधियां कैमरे में दर्ज होने की बात स्पष्ट हुई है। हालांकि फुटेज से जुड़े कुछ हिस्सों और मौत से पहले की परिस्थितियों को लेकर जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
पुलिस यह भी देख रही है कि घटना से पहले रसिक दुलारी की किसी से बातचीत हुई थी या नहीं और उनके मोबाइल या अन्य डिजिटल रिकॉर्ड से कोई महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है या नहीं। फिलहाल चार CCTV फुटेज पुलिस जांच का अहम हिस्सा हैं। इनमें रसिक दुलारी को कमरे से निकलने, सीढ़ियों से ऊपर जाने और छत पर मौजूद रहने की अलग-अलग तस्वीरें दिखाई देती हैं। अंतिम निष्कर्ष पुलिस और फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
Tags: