मथुरा: जापान में आयोजित एशियाई पैरा गेम्स में देश के लिए रजत पदक जीतने वाले पैरा एथलीट राम रतन सिंह जादौन के ब्रजभूमि लौटने पर जोरदार स्वागत किया गया। मथुरा की छाता तहसील के नरी गांव निवासी खिलाड़ी का मंगलवार, 27 अक्टूबर को कोटवन बॉर्डर से छाता तक लोगों ने अभिनंदन किया। ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और भारत माता के जयकारों के बीच खेल प्रेमियों ने उनकी उपलब्धि की खुशी मनाई। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता से पदक लेकर लौटे राम रतन को बधाई देने के लिए स्थानीय नागरिक और युवा पहुंचे। राम रतन ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित पांचवें एशियाई पैरा गेम्स की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। उनकी सफलता से नरी गांव और मथुरा के खेल जगत में उत्साह है। वापसी पर हुए स्वागत ने इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए खुशी का अवसर बना दिया।
कोटवन बॉर्डर से छाता तक स्वागत
हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित कोटवन पहुंचने पर राम रतन का समर्थकों ने स्वागत किया। इसके बाद छाता में खेल प्रेमियों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाईं। स्वागत के दौरान जयकारे लगे और आतिशबाजी भी की गई। स्थानीय लोगों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर पदक जीतने के लिए उन्हें बधाई दी। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, छाता में लोकमणि कांत जादौन के आवास पर भी राम रतन का सम्मान किया गया। उन्हें माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर उपलब्धि की बधाई दी गई। कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों के साथ युवा खेल प्रेमी मौजूद रहे। लोगों ने उनके आगामी खेल जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। यह स्वागत केवल पदक की खुशी तक सीमित नहीं था। राम रतन की खेल यात्रा से परिचित लोगों के लिए उनकी वापसी लंबे अभ्यास और प्रतियोगिता में किए गए प्रदर्शन का सम्मान करने का अवसर भी बनी।
दूसरे प्रयास में हासिल किया रजत पदक
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, 31 वर्षीय राम रतन सिंह ने पुरुषों की संयुक्त एफ51/52/53 डिस्कस थ्रो स्पर्धा में दूसरे प्रयास में 10.35 मीटर का थ्रो किया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने रजत पदक हासिल किया। इसी स्पर्धा में भारत के प्रणव सूरमा ने 11.66 मीटर के थ्रो से स्वर्ण पदक जीता, जबकि ईरान के अलीरजा हेमामी को कांस्य मिला। एक ही स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों के स्वर्ण और रजत जीतने से यह मुकाबला देश के लिए खास रहा। राम रतन का पदक उनके अंतरराष्ट्रीय खेल सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। स्थानीय स्तर पर खेल से जुड़ने के बाद बड़े मंच तक पहुंचना और वहां पदक हासिल करना उनकी निरंतर तैयारी को दर्शाता है।
राष्ट्रीय स्वर्ण के बाद मिला अंतरराष्ट्रीय अवसर
राम रतन ने इससे पहले बेंगलुरु के कांतिरावा स्टेडियम में आयोजित आठवीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन किया था। जिला पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन की सचिव कुसुम लता के हवाले से अमर उजाला ने बताया कि 26 से 28 मई 2026 तक हुई प्रतियोगिता में उन्होंने 12.81 मीटर का थ्रो कर राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीता था। इसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें एशियाई पैरा गेम्स के लिए भारतीय दल में जगह मिली। जापान रवाना होने से पहले दिल्ली में आयोजित समारोह में उन्हें भारत की आधिकारिक किट प्रदान की गई थी। उस समय भी मथुरा के खेल संगठनों और पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई देकर बेहतर प्रदर्शन की शुभकामनाएं दी थीं।
सड़क हादसे के बाद अपनाई पैरा एथलेटिक्स
राम रतन की खेल यात्रा में वर्ष 2017 का सड़क हादसा बड़ा मोड़ साबित हुआ। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, हादसे में उनकी सर्वाइकल स्पाइन को गंभीर चोट पहुंची। इससे पहले वह कुश्ती और कबड्डी से जुड़े थे तथा खेल शिक्षक बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहते थे। चोट के बाद उन्हें अपने जीवन और खेल की दिशा नए सिरे से तय करनी पड़ी। वर्ष 2018 में एक मित्र की प्रेरणा से उन्होंने एफ51 श्रेणी में पैरा खेलों की शुरुआत की। इसके बाद अभ्यास और प्रतियोगिताओं के जरिए अपना प्रदर्शन निखारा। राष्ट्रीय स्तर की सफलता के बाद जापान में मिला रजत उनके इसी सफर का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव है।
उनकी कहानी में उपलब्धि के साथ उस तैयारी का भी महत्व है, जिसने उन्हें नए खेल प्रारूप में अपनी पहचान बनाने का अवसर दिया। अंतरराष्ट्रीय पदक इस मेहनत का स्पष्ट परिणाम है।
युवाओं को मेहनत और मजबूत इरादों का संदेश
स्वागत समारोह में राम रतन ने क्षेत्रवासियों के स्नेह और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने अपनी सफलता में ब्रजवासियों के प्यार और आशीर्वाद की भूमिका बताई। युवाओं को उन्होंने मेहनत और मजबूत इरादों के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। राम रतन की उपलब्धि पर जिला और प्रदेश के खेल संगठनों ने भी खुशी जताई है। नरी गांव के खिलाड़ी का अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतना स्थानीय युवाओं के सामने पैरा एथलेटिक्स की एक ठोस मिसाल रखता है। उनके स्वागत में उमड़े लोगों ने इस सफलता को साझा खुशी के रूप में मनाया। अब खेल प्रेमियों की उम्मीद है कि राम रतन आगामी प्रतियोगिताओं में भी अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे और देश के लिए नई उपलब्धियां हासिल करेंगे।