बेटा होने की भविष्यवाणी हुई गलत, पुजारी की गोली मारकर हत्या, फिर पड़ोसी को फंसाने की साजिश
पिता और पुत्र गिरफ्तार
मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में 81 वर्षीय पुजारी स्वामी देवानंद भारती की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, बेटे के जन्म की भविष्यवाणी गलत साबित होने से नाराज पिता-पुत्र ने कथित तौर पर पुजारी की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपियों ने हत्या का शक गांव के एक अन्य व्यक्ति पर डालने के लिए उसकी तस्वीर घटनास्थल पर छोड़ दी थी। पुलिस ने मामले में हाशिम और उसके बेटे जीशान को गिरफ्तार किया है। वारदात 13 अक्टूबर 2026 को भौराकलां थाना क्षेत्र के शिव मंदिर परिसर में हुई थी।
बेटा होने की भविष्यवाणी गलत निकली तो शुरू हुआ विवाद
पुलिस जांच के अनुसार, करीब डेढ़ महीने पहले जीशान की पत्नी गर्भवती थी। इसी दौरान मंदिर के पुजारी स्वामी देवानंद भारती ने परिवार में बेटे के जन्म की भविष्यवाणी की थी।हालांकि बच्चे के जन्म के बाद परिवार में बेटी पैदा हुई। पुलिस का दावा है कि भविष्यवाणी गलत होने पर हाशिम और जीशान की पुजारी से कहासुनी हो गई। जांच अधिकारियों के मुताबिक, इसी विवाद के बाद दोनों ने कथित तौर पर पुजारी से रंजिश रखनी शुरू कर दी और बाद में हत्या की साजिश तैयार की। यह पुलिस की जांच में सामने आया कथित मकसद है। दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
13 अक्टूबर को मंदिर परिसर में हुई थी हत्या
81 वर्षीय स्वामी देवानंद भारती भौराकलां क्षेत्र स्थित शिव मंदिर में पुजारी थे। 13 अक्टूबर की रात मंदिर परिसर में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा हत्या के आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें गठित कीं। शुरुआती जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से एक व्यक्ति की तस्वीर मिली थी। इस तस्वीर ने जांच में एक नया पहलू जोड़ दिया।
पड़ोसी को हत्या में फंसाने की थी साजिश
पुलिस के अनुसार, हाशिम और जीशान का गांव के हरेंद्र नामक व्यक्ति से भी विवाद चल रहा था। इसी रंजिश का फायदा उठाकर दोनों ने कथित तौर पर हरेंद्र को हत्या के मामले में फंसाने की योजना बनाई। आरोप है कि उन्होंने हरेंद्र की तस्वीर हासिल कर उसे घटनास्थल पर छोड़ दिया, ताकि पुलिस का संदेह उस पर जाए। पुलिस जांच में सामने आया कि तस्वीर को जानबूझकर घटनास्थल पर रखा गया था। इसका उद्देश्य हत्या की जांच को दूसरी दिशा में मोड़ना था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ने के बाद इस कथित साजिश का खुलासा हुआ।
यक्ष ऐप और तकनीकी जांच से मिले सुराग
पुजारी हत्याकांड का खुलासा करने के लिए पुलिस ने तकनीकी सहायता और यक्ष ऐप से प्राप्त सूचनाओं का इस्तेमाल किया। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से संबंधित जानकारी, संदिग्धों की गतिविधियों और अन्य तकनीकी तथ्यों का विश्लेषण किया। इसके बाद पुलिस की जांच हाशिम और उसके बेटे जीशान तक पहुंची। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने भविष्यवाणी को लेकर हुए विवाद और पड़ोसी को फंसाने की कथित योजना के बारे में जानकारी दी।
दो तमंचे, कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद
मुजफ्फरनगर के एसपी ग्रामीण अक्षय संजय महाडिक के अनुसार, पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई बताई जा रही मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामद हथियारों और अन्य साक्ष्यों को मामले की जांच में शामिल किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुजारी की हत्या से गांव में चिंता
भौराकलां गांव में बुजुर्ग पुजारी की हत्या के बाद स्थानीय लोगों के बीच चिंता का माहौल बन गया था। मंदिर परिसर में हुई वारदात को देखते हुए पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच की। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक स्तर पर वारदात में शामिल लोगों की पहचान स्पष्ट नहीं थी। इसके बाद विभिन्न सुरागों और तकनीकी जानकारी की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया गया। जांच में भविष्यवाणी को लेकर कथित विवाद और पड़ोसी के साथ पुरानी रंजिश की बात सामने आई।
पुलिस ने किया हत्याकांड के खुलासे का दावा
पुलिस ने पिता-पुत्र की गिरफ्तारी के साथ 81 वर्षीय पुजारी स्वामी देवानंद भारती की हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। हालांकि हत्या के आरोप, वारदात के पीछे बताया गया मकसद और अन्य तथ्यों का अंतिम निर्धारण न्यायालय की सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर होगा। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।