मथुरा। हाईवे थाना क्षेत्र के लक्ष्मीनगर इलाके में बुधवार तड़के एक 13 वर्षीय लड़के की गोली लगने से मौत का मामला सामने आया है। गोली लगने के बाद गंभीर रूप से घायल किशोर को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि किशोर के पास पिस्टल कैसे पहुंची और घटना किन परिस्थितियों में हुई।

मृतक की पहचान राजवंश सिंह चौधरी के रूप में हुई है। वह मूल रूप से फरीदाबाद के बल्लभगढ़ क्षेत्र के गांव डीग फतेहपुर का रहने वाला था। जानकारी के अनुसार राजवंश की मां भावना की वर्ष 2022 में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से वह अपनी नानी सुरेंद्री कुमारी के साथ मथुरा के हाईवे थाना क्षेत्र के लक्ष्मीनगर में रह रहा था।

बुधवार तड़के करीब सवा तीन बजे घर में गोली चलने की आवाज सुनाई दी। परिजनों ने देखा तो राजवंश गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। उसके सिर में गोली लगी थी। घटना के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई और उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने किशोर को बचाने का प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोट के कारण उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। किशोर की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद हाईवे थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।

प्रारंभिक जानकारी में किशोर द्वारा स्वयं को गोली मारने की बात सामने आई है, हालांकि घटना के वास्तविक कारणों को लेकर पुलिस जांच जारी है। किशोर ने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसे लेकर अभी कोई पुष्ट कारण सामने नहीं आया है। पुलिस परिजनों से बातचीत करने के साथ घटनास्थल से मिले तथ्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को समझने का प्रयास कर रही है।

इस मामले में सबसे अहम सवाल पिस्टल को लेकर है। पुलिस यह पता लगा रही है कि जिस हथियार से गोली चली वह किसका था और किशोर तक कैसे पहुंचा। हथियार लाइसेंसी था या अवैध, इसकी भी जांच किए जाने की संभावना है। जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

घटना तड़के करीब सवा तीन बजे की होने के कारण पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उस समय घर में कौन-कौन मौजूद था। घटना से पहले किशोर की किसी से बातचीत हुई थी या उसके व्यवहार में कोई बदलाव देखा गया था, इन पहलुओं पर भी जानकारी जुटाई जा सकती है।

राजवंश पिछले कुछ वर्षों से अपनी नानी के साथ रह रहा था। मां की मौत के बाद ननिहाल ही उसका घर बन गया था। अचानक हुई इस घटना ने परिवार और आसपास के लोगों को स्तब्ध कर दिया। सुबह जैसे ही आसपास के लोगों को किशोर की गोली लगने और बाद में मौत होने की जानकारी मिली, इलाके में घटना की चर्चा फैल गई।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से गोली लगने की दिशा और चोट से संबंधित अन्य चिकित्सकीय तथ्य सामने आ सकेंगे। पुलिस की जांच में फॉरेंसिक साक्ष्य भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हथियार की जांच के जरिए यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि गोली किस पिस्टल से चली और घटना के समय उसकी स्थिति क्या थी।

पुलिस परिवार के सदस्यों और आसपास मौजूद लोगों से जानकारी जुटा रही है। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पुलिस के सामने किशोर की मौत की वजह के साथ-साथ हथियार की उपलब्धता से जुड़ा सवाल भी महत्वपूर्ण है।

नाबालिग के हाथ में पिस्टल पहुंचने की घटना ने हथियारों की सुरक्षित देखरेख को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यदि जांच में हथियार किसी परिचित या परिवार के सदस्य का पाया जाता है तो यह भी देखा जाएगा कि उसे सुरक्षित तरीके से रखा गया था या नहीं। वहीं अगर हथियार अवैध पाया जाता है तो पुलिस उसके स्रोत का पता लगाने की दिशा में अलग से कार्रवाई कर सकती है।

घटना के बाद परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां की मृत्यु के बाद नानी के साथ रह रहे राजवंश की अचानक मौत से परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थानीय लोगों ने भी घटना पर दुख जताया है।

पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, पिस्टल की जांच और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल किशोर की मौत के पीछे किसी विशेष कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इस मामले में पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि बुधवार तड़के लक्ष्मीनगर के घर में आखिर क्या हुआ था और 13 वर्षीय राजवंश के पास पिस्टल किस तरह पहुंची थी।

Tags: