वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में लंका थाना क्षेत्र के नरिया तिराहे पर सिपाही अमित शुक्ला को गोली मारने के मामले में पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए तीन कथित असलहा तस्करों को अलग-अलग मुठभेड़ों में गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार देर रात हुई कार्रवाई के दौरान दो बदमाश अंजनी झा और राजू तिवारी पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हो गए। दोनों के पैर में गोली लगी है। इससे पहले पुलिस ने राज विश्वकर्मा नामक बदमाश को भी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। तीनों को उपचार के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के अनुसार, सिपाही अमित शुक्ला को गोली मारने की घटना के बाद उक्त आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस की टीमें लगाई गई थीं। इसी क्रम में शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे लंका थाना क्षेत्र के लौटूबीर मंदिर के पास पुलिस टीम ने घेराबंदी कर राज विश्वकर्मा को मुठभेड़ के दौरान दबोच लिया। पुलिस की फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। पुलिस को आशंका है कि आरोपित राज विश्वकर्मा सिपाही पर हमले की घटना में शामिल था। आरोपित से पूछताछ के बाद पुलिस ने घटना में शामिल बताए जा रहे अंजनी झा और राजू तिवारी को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया कि वारदात में इस्तेमाल किए गए असलहे सामने घाट इलाके में छिपाए गए हैं। इसके बाद पुलिस टीम देर रात दोनों आरोपितों को लेकर असलहे की बरामदगी के लिए सामने घाट पहुंची।

पुलिस का कहना है कि मौके पर पहुंचते ही दोनों आरोपितों ने छिपाकर रखे गए असलहों से पुलिस टीम पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी और वे घायल होकर गिर पड़े। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मौके से असलहे भी बरामद किए गए हैं। दोनों घायलों को उपचार के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।

डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल के मुताबिक, शुक्रवार रात सुंदरपुर इलाके में असलहा तस्करों की मौजूदगी की सूचना पर लंका थाने की क्राइम टीम उन्हें पकड़ने पहुंची थी। इसी दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। फायरिंग में सिपाही अमित शुक्ला के पेट और हाथ में तीन गोलियां लगीं, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़े। अचानक हुई गोलीबारी से पुलिस टीम में अफरा-तफरी मच गई। इसी का फायदा उठाकर हमलावर मौके से फरार हो गए।

घायल सिपाही को तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत सामान्य बताई गई है। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने अस्पताल पहुंचकर घायल सिपाही का हाल जाना और अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

उधर, घटना के बाद पुलिस टीमें सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से आरोपितों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थीं। इसी अभियान के तहत तीनों आरोपितों को अलग-अलग स्थानों पर हुई पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब आरोपितों से पूछताछ कर घटना में इस्तेमाल असलहों और उनके नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।

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