14 बहनों को पीएम मोदी ने रक्षाबंधन पर भेजे राखी का उत्तर पत्र भेजकर किया सम्मानित

Update: 2025-08-30 17:51 GMT
UP उत्तर प्रदेश: रक्षाबंधन के पर्व पर गाजीपुर की 14 बहनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विशेष राखी भेजी थी, जो सामान्य बाजार में बिकने वाली राखियों से अलग और खास थी। इस राखी के जरिए उन्होंने अपने सम्मान और स्नेह का संदेश प्रधानमंत्री तक पहुंचाया। अब प्रधानमंत्री की तरफ से सभी बहनों को पत्र प्राप्त हुआ है, जिसे पाकर बहनों की खुशी का ठिकाना नहीं है। गाजीपुर की ई-अन्नदाता महिला टीम की 14 सदस्यीय बहनों ने राखी के साथ प्रधानमंत्री को ई-अन्नदाता योजना से जुड़े कार्यों की विस्तृत जानकारी भी भेजी थी। उन्होंने इस पत्र में योजना के तहत किए गए लाभ और उनकी टीम द्वारा स्थानीय स्तर पर किए गए प्रयासों का विवरण दिया। इसके अलावा, बहनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी रक्षा सूत्र भेजा। इस पत्र के जरिए प्रधानमंत्री ने बहनों की भावनाओं और प्रयासों की सराहना की। पत्र प्राप्त होने के बाद बहनों ने अपनी खुशी और गर्व व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि यह अनुभव उनके लिए बेहद खास और यादगार रहा। उन्होंने कहा कि ऐसे पत्र और सम्मान से उन्हें अपने काम और सामाजिक जिम्मेदारियों को और बेहतर तरीके से निभाने की प्रेरणा मिली।
रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। इसके बदले में भाई अपनी बहनों की सुरक्षा और भलाई का वादा करते हैं और उन्हें उपहार देते हैं। यह पर्व न केवल पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करता है, बल्कि समाज में भाई-बहन के प्रेम और सहयोग का संदेश भी देता है। गाजीपुर की बहनों ने इस पर्व को विशेष बनाते हुए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री को राखी भेजकर उनके प्रयासों और कार्यों की सराहना की। उनकी यह पहल समाज में सृजनात्मक और प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में सामने आई।ई-अन्नदाता महिला टीम के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं को भेजी राखी के साथ योजनाओं और सामाजिक कार्यों की रिपोर्ट भी संलग्न की थी। इसका उद्देश्य था कि अधिकारी उनके प्रयासों और योजना के लाभों को सीधे जान सकें और उन्हें प्रोत्साहित कर सकें। इस घटना ने गाजीपुर में रक्षाबंधन पर्व को और खास बना दिया। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की प्रशंसा की और इसे सामाजिक जागरूकता और सहभागिता का सकारात्मक उदाहरण बताया। बहनों ने आशा जताई कि उनके इस प्रयास से और लोग भी रक्षाबंधन पर्व को केवल प्रेम और स्नेह के प्रतीक के रूप में ही नहीं बल्कि समाज सेवा और सकारात्मक योगदान के माध्यम के रूप में भी मनाएँ।
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