Lucknow लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद दिनेश शर्मा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि देश अब परिवारवाद की राजनीति से मुक्ति चाहता है और महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के पक्ष में खड़ा है। मीडिया से बातचीत में दिनेश शर्मा ने कहा कि जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर मतदान हो रहा था, तब समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसद महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में अधिक प्रतिनिधित्व देने के पक्ष में दिखाई दे रहे थे। उन्होंने दावा किया कि इन दलों के शीर्ष नेतृत्व द्वारा विरोध का रुख अपनाने के कारण उनके सांसदों के बीच असंतोष भी स्पष्ट रूप से नजर आया।
भाजपा सांसद ने कहा, “इन दलों के अधिकांश सांसद चाहते थे कि महिलाओं को जनप्रतिनिधि के रूप में उनका अधिकार मिले, लेकिन जब उनके नेताओं ने विरोध में वोट दिया तो अंदरूनी असहमति सामने आ गई। दिनेश शर्मा ने विपक्षी दलों पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश की जनता अब बेटों, भतीजों और पारिवारिक उत्तराधिकार की राजनीति से आगे बढ़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा का संगठन कार्यकर्ताओं की मेहनत और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर आधारित है, न कि पारिवारिक विरासत पर। उन्होंने
यह
भी कहा कि महिलाओं को राजनीति में अधिक अवसर देने की दिशा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक ऐतिहासिक कदम है और इससे लोकतंत्र और अधिक समावेशी बनेगा। भाजपा सांसद के इस बयान को आगामी राजनीतिक समीकरणों और महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर जारी बहस के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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