लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चर्चित कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हत्याकांड में वांछित मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक तनवीर अली उर्फ दानिश के खिलाफ न्यायालय से गैर-जमानती वारंट जारी कराया गया है। तीनों आरोपी घटना के बाद से फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि आरोपी भारत-नेपाल सीमा पार कर नेपाल पहुंच गए हैं। इसी आधार पर गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
लखनऊ पुलिस ने दावा किया है कि मामले में आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाए जा चुके हैं। शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को न्यायालय की ओर से गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है। फरार आरोपियों की संपत्तियों की पहचान कर कुर्की की प्रक्रिया शुरू करने की संभावना भी जताई गई है। पुलिस की दो टीमें नेपाल में संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं।
श्रद्धा और उसकी बहन समेत तीन आरोपियों पर शिकंजा
शिवा शर्मा की मौत के मामले में हजरतगंज थाना पुलिस ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और तनवीर अली उर्फ दानिश को नामजद किया है।पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी घटना के बाद से फरार हैं और उनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पहले ही 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। अब गैर-जमानती वारंट जारी होने से कानूनी कार्रवाई का दायरा और बढ़ गया है।जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों का पता लगाने के लिए तकनीकी साक्ष्यों, संपर्क सूत्रों और संभावित ठिकानों की पड़ताल की जा रही है।
9 अक्टूबर को हुई थी कैफे संचालक की मौत
लखनऊ के कैफे संचालक शिवा शर्मा की 9 अक्टूबर 2026 को हजरतगंज क्षेत्र के अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी।शिवा की उम्र लगभग 27 से 28 वर्ष बताई गई थी। वह व्यवसाय से जुड़े हुए थे और मॉडल श्रद्धा दुबे के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे।शुरुआत में उनकी मौत को ऊंचाई से गिरने की घटना के रूप में देखा गया था। हालांकि, परिवार ने परिस्थितियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका व्यक्त की।परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद श्रद्धा और अन्य आरोपियों की भूमिका की पड़ताल तेज कर दी गई।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आईं कई चोटेंशिवा शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई गंभीर चोटों की जानकारी सामने आई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, उनके शरीर पर 11 बाहरी चोटें और कई आंतरिक चोटें पाई गई थीं। दोनों फेफड़ों में भी गंभीर चोटों की बात सामने आई।चिकित्सकीय रिपोर्ट में शॉक और अत्यधिक रक्तस्राव को मौत से संबंधित महत्वपूर्ण कारणों में शामिल बताया गया।हालांकि, चोटों की मौजूदगी से अपने आप यह साबित नहीं होता कि शिवा को किसी ने जानबूझकर इमारत से धक्का दिया था।पुलिस मौत से पहले हुई घटनाओं और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जोड़कर वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
नेपाल भागने के मिले महत्वपूर्ण सुराग
पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना के बाद आरोपी लखनऊ छोड़कर नेपाल सीमा की ओर निकल गए थे।जांच के अनुसार, आरोपी एसयूवी से सीतापुर होते हुए बहराइच जिले के रुपईडीहा पहुंचे। वहां सीमा के पास वाहन छोड़ने के बाद 10 अक्टूबर की सुबह करीब 6:20 बजे नेपाल में प्रवेश करने की जानकारी सामने आई है।भारत-नेपाल सीमा के नजदीक श्रद्धा से संबंधित वाहन भी बरामद हुआ था। इससे पुलिस को आरोपियों के संभावित भागने के रास्ते का सुराग मिला।पुलिस नेपाल के संबंधित अधिकारियों और सीमावर्ती जिलों की पुलिस के सहयोग से आरोपियों की तलाश कर रही है।
अस्पताल पहुंचाने को लेकर भी उठे सवाल
पुलिस आयुक्त तरुण गाबा के अनुसार, घटना के बाद शिवा शर्मा को पहले गोमतीनगर स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया था।उस समय शिवा की सांसें चल रही थीं, लेकिन उनकी हालत गंभीर थी। डॉक्टरों ने उन्हें लोहिया अस्पताल ले जाने की सलाह दी।हालांकि, आरोपियों ने उन्हें लोहिया अस्पताल ले जाने के बजाय ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। पुलिस के अनुसार, इसके बाद परिजनों को घटना की जानकारी दी गई।जब तक परिवार के सदस्य अस्पताल पहुंचे, शिवा की मौत हो चुकी थी। जांच में यह भी सामने आया है कि श्रद्धा अस्पताल के बाहर कार में मौजूद थी।पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम का विश्लेषण कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घायल शिवा को अस्पताल पहुंचाने और परिजनों को सूचना देने के बीच क्या हुआ था।
श्रद्धा ने वीडियो जारी कर खुद को बताया निर्दोष
इस मामले में फरार चल रही श्रद्धा दुबे का एक वीडियो भी सामने आया है।वीडियो में श्रद्धा ने हत्या के आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि शिवा शर्मा ने आत्महत्या की थी।उसने शिवा की आर्थिक और मानसिक स्थिति को लेकर भी कई दावे किए। इसके अलावा अपनी बहन रश्मि को निर्दोष बताया।हालांकि, पुलिस वीडियो की सत्यता और उसमें किए गए दावों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियों ने श्रद्धा के बयान को अंतिम तथ्य के रूप में स्वीकार नहीं किया है।पुलिस का कहना है कि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए सभी उपलब्ध साक्ष्यों की जांच आवश्यक है।
आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी
गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस फरार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रही है।जानकारी के अनुसार, श्रद्धा और अन्य आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।यदि आरोपी लगातार गिरफ्तारी से बचते रहे, तो पुलिस न्यायालय से आवश्यक आदेश प्राप्त कर संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है।हालांकि, गैर-जमानती वारंट जारी होने से संपत्ति स्वतः कुर्क नहीं होती। इसके लिए कानून के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं और न्यायिक आदेशों का पालन करना आवश्यक है।पुलिस का उद्देश्य आरोपियों को कानून के सामने पेश करना और मामले की जांच पूरी करना है।
विधानसभा पास लगी ऑडी कार भी जांच के दायरे में
पुलिस को जांच में एक और महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।घटना के बाद श्रद्धा के अपार्टमेंट में विधानसभा पास लगी एक ऑडी कार पहुंची थी।पुलिस अब इस वाहन और उसमें सवार लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि वाहन में कौन लोग मौजूद थे और उनका श्रद्धा या अन्य आरोपियों से क्या संबंध था।फिलहाल इस वाहन की मौजूदगी से किसी अतिरिक्त व्यक्ति के अपराध में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है।
शिवा के परिवार ने की न्याय की मांग
शिवा शर्मा की मौत के बाद से उनका परिवार लगातार मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।परिजनों ने शिवा की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया है।
परिवार का कहना है कि मौत से पहले शिवा के साथ कथित मारपीट और प्रताड़ना हुई थी।हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।परिवार को उम्मीद है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब सामने आएंगे।
गिरफ्तारी के बाद खुल सकते हैं नए राज
लखनऊ पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती तीनों फरार आरोपियों को गिरफ्तार करना है।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक की जांच में उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है।
हालांकि, जांच में साक्ष्य मिलने और किसी व्यक्ति का न्यायालय में दोष सिद्ध होने के बीच कानूनी अंतर है।अब पुलिस नेपाल सीमा से जुड़े सुराग, तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों के संभावित संपर्कों के आधार पर आगे बढ़ रही है।
Tags: