गाजियाबाद: लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) के लिए दो हजार तो परमानेंट लाइसेंस बनवाने के लिए साइबर कैफे व सीएससी संचालक पांच हजार तक की वसूली आवेदकों से कर रहे हैं।

दुकान के बाहर...बिना कहीं जाए, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाएं... जैसे बड़े-बड़े बोर्ड लगा दिए गए हैं, जिसके चक्कर में आकर लोग वहां पहुंच जाते हैं। बीते एक माह में छह शिकायत मोदीनगर, मुरादनगर, लोनी व साहिबाबाद से एआरटीओ को मिली हैं। इसके बावजूद अधिकारी इन लोगों पर कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं।

संभागीय परिवहन कार्यालय से जुड़े अधिकांश कार्यों को फेसलेस कर दिया गया है। जो कार्य इस दायरे में आने से रह गए हैं, उनको भी फेसलेस करने पर तेजी से काम चल रहा है।

सरकार का प्रयास है कि कम से कम मामलों में लोगों को अधिकारियों के कार्यालय तक जाना पड़े और लोगों को ज्यादा पैसा न देना पड़े।

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