उत्तर प्रदेश : बरेली शहर में सरकारी जमीन और सार्वजनिक सुविधाओं की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। नगर निगम ने शहर में अतिक्रमण की पहचान शुरू कर दी है और कब्जेदारों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि तय समय सीमा के भीतर कब्जा नहीं हटाने वालों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम की संपत्ति और अतिक्रमण विभाग की समीक्षा बैठक में शहर के अलग-अलग इलाकों में हुए अवैध कब्जों को लेकर चर्चा की गई। बैठक में निर्देश दिए गए कि सड़क, नाले और नगर निगम की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को चिन्हित कर कार्रवाई की जाए। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक जमीनों को कब्जामुक्त कराना प्राथमिकता है, ताकि शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर हो सके और विकास कार्यों में बाधा न आए।
अधिकारियों के अनुसार, कई जगहों पर लोगों ने सरकारी जमीन, नालों और सड़क किनारे की जमीन पर अवैध निर्माण कर लिया है। ऐसे कब्जों के कारण शहर में जल निकासी की समस्या, जाम और अन्य परेशानियां बढ़ रही हैं। नगर निगम अब ऐसे सभी स्थानों की सूची तैयार कर रहा है, जहां नियमों के खिलाफ निर्माण या कब्जा किया गया है।
प्रशासन की ओर से पहले चरण में कब्जेदारों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। नोटिस में उन्हें खुद अतिक्रमण हटाने का मौका दिया जा रहा है। यदि निर्धारित समय में कब्जा नहीं हटाया गया तो नगर निगम की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी। इस दौरान अवैध निर्माण को हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की जाएगी। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ बिना प्रक्रिया पूरी किए कदम नहीं उठाया जाएगा। पहले जांच की जाएगी कि संबंधित जमीन सरकारी या नगर निगम की संपत्ति है या नहीं। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
शहर में बढ़ते अवैध कब्जों को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय लोगों ने कई बार सड़कों, नालों और सार्वजनिक स्थानों पर कब्जे की शिकायत प्रशासन से की थी। इन शिकायतों के आधार पर अब नगर निगम ने अभियान तेज करने का फैसला लिया है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सरकारी जमीन या सार्वजनिक स्थानों पर अवैध निर्माण न करें। उन्होंने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और कार्रवाई का खर्च भी संबंधित व्यक्ति से वसूला जा सकता है।
बरेली में यह अभियान केवल कब्जे हटाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए भी निगरानी की जाएगी। नगर निगम की टीमें समय-समय पर इलाकों का निरीक्षण करेंगी और अवैध निर्माण मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि शहर के विकास के लिए सरकारी जमीनों को सुरक्षित रखना जरूरी है। अतिक्रमण हटने से सड़क विस्तार, नाला निर्माण और अन्य विकास योजनाओं को गति मिलेगी। वहीं, आम लोगों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
उत्तर प्रदेश में अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है। अलग-अलग जिलों में सरकारी और सार्वजनिक जमीनों को कब्जामुक्त कराने के लिए कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में बरेली में भी अब अतिक्रमण करने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी है।