बाढ़ पर सोशल मीडिया से निगरानी, हर घंटे 100 अकाउंट खंगाल रही प्रशासन की टीम
लखनऊ। बाढ़ और जलभराव की स्थिति पर नजर रखने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। कंट्रोल रूम में तैनात विशेषज्ञों की टीम सोशल मीडिया के जरिए भी लगातार सूचनाएं जुटा रही है। टीम हर घंटे औसतन करीब 100 सोशल मीडिया अकाउंट खंगाल रही है। इसमें इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स पर आने वाली पोस्ट, तस्वीरें और वीडियो शामिल हैं। किसी इलाके में जलभराव, बाढ़ या दूसरी समस्या से जुड़ी जानकारी सामने आते ही पहले उसकी पुष्टि की जा रही है और सूचना सही मिलने पर संबंधित विभाग की टीम को तत्काल मौके पर भेजा जा रहा है।
जिला प्रशासन ने बाढ़ और भारी बारिश से पैदा होने वाली परिस्थितियों में लोगों तक तेजी से राहत पहुंचाने के लिए कंट्रोल रूम को सक्रिय किया है। यहां विभिन्न माध्यमों से मिलने वाली सूचनाओं की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि कई बार स्थानीय लोग किसी समस्या की जानकारी सबसे पहले सोशल मीडिया के जरिए साझा करते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म प्रशासन के लिए सूचना जुटाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं।
कंट्रोल रूम में तैनात विशेषज्ञ लगातार इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स पर स्थानीय स्तर की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। किसी पोस्ट में सड़क पर पानी भरने, घरों में पानी घुसने, नाले के उफान पर आने या लोगों के फंसे होने जैसी जानकारी मिलने पर उसे गंभीरता से लिया जा रहा है। संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क कर पोस्ट में दी गई जानकारी की पुष्टि कराई जाती है।
जानकारी सही पाए जाने पर मौके की जरूरत के हिसाब से नगर निगम, राजस्व विभाग या अन्य संबंधित टीमों को भेजा जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि किसी शिकायत के औपचारिक रूप से कंट्रोल रूम तक पहुंचने का इंतजार करने के बजाय सोशल मीडिया से मिलने वाले संकेतों पर भी तुरंत कार्रवाई की जाए। इससे कई स्थानों पर समस्या की जानकारी शुरुआती स्तर पर मिल सकती है और राहत कार्य जल्द शुरू किया जा सकता है।
प्रशासन ने सोशल मीडिया निगरानी के साथ जमीनी स्तर पर भी व्यवस्था मजबूत की है। बाढ़ और जलभराव की दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले फैजुल्लागंज क्षेत्र में अधिकारियों की विशेष तैनाती की गई है। यहां रोस्टर के आधार पर तीन अपर नगर मजिस्ट्रेट और तीन तहसीलदारों को जिम्मेदारी दी गई है।
अधिकारियों को अलग-अलग समय में क्षेत्र की स्थिति की निगरानी करने और किसी समस्या की सूचना मिलते ही कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य अधिकारियों की लगातार मौजूदगी बनाए रखना और राहत तथा बचाव कार्यों में किसी प्रकार की देरी को रोकना है।
फैजुल्लागंज में बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। यहां निचले इलाकों, नालों और पानी जमा होने वाले स्थानों की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को स्थानीय लोगों से संपर्क बनाए रखने के साथ मौके की स्थिति के आधार पर संबंधित विभागों को निर्देश देने की जिम्मेदारी भी दी गई है।
कंट्रोल रूम में सोशल मीडिया से आने वाली प्रत्येक सूचना को सीधे सही नहीं माना जा रहा है। प्रशासन पहले उसका सत्यापन कर रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि पुरानी तस्वीर, वीडियो या गलत सूचना के आधार पर टीमों को अनावश्यक रूप से न भेजना पड़े। पोस्ट की लोकेशन और समय की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय अधिकारियों से स्थिति की पुष्टि कराई जा रही है।
जिला प्रशासन का जोर वास्तविक समस्याओं पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने पर है। यदि कहीं सड़क पर पानी ज्यादा भर गया है या आवाजाही प्रभावित है तो संबंधित विभाग को सूचना दी जा रही है। इसी तरह किसी मोहल्ले में लोगों के फंसने या घरों में पानी घुसने की जानकारी मिलने पर मौके की आवश्यकता के अनुसार टीम भेजी जा रही है।
सोशल मीडिया निगरानी का फायदा यह है कि प्रशासन को अलग-अलग इलाकों की जानकारी तेजी से मिल सकती है। कई लोग अपने आसपास की समस्या का वीडियो या फोटो पोस्ट करते हैं। यदि इन पोस्ट की समय पर पहचान हो जाए तो संबंधित इलाके तक राहत टीम पहुंचाने में लगने वाला समय कम किया जा सकता है।
इसके अलावा जिला प्रशासन के अधिकारी पारंपरिक माध्यमों से मिलने वाली शिकायतों और सूचनाओं पर भी नजर रख रहे हैं। कंट्रोल रूम को मिलने वाली फोन कॉल और अन्य माध्यमों से प्राप्त जानकारी को भी संबंधित अधिकारियों तक भेजा जा रहा है। इस तरह सोशल मीडिया निगरानी को मौजूदा कंट्रोल रूम व्यवस्था के साथ जोड़ा गया है।
फैजुल्लागंज जैसे संवेदनशील इलाकों में अपर नगर मजिस्ट्रेट और तहसीलदारों की रोस्टर के आधार पर तैनाती से मौके पर फैसले लेने की प्रक्रिया तेज करने की कोशिश की गई है। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी से राहत कार्यों, जलनिकासी और दूसरी आवश्यक व्यवस्थाओं के बीच समन्वय बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
प्रशासन की ओर से निगरानी टीम को लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की गंभीर सूचना मिलने पर उसे प्राथमिकता के आधार पर सत्यापित करने और जरूरत पड़ने पर तत्काल टीम भेजने को कहा गया है।
बारिश और बाढ़ की चुनौती के बीच प्रशासन अब तकनीक और जमीनी निगरानी दोनों का इस्तेमाल कर रहा है। हर घंटे करीब 100 सोशल मीडिया अकाउंट की निगरानी और फैजुल्लागंज में अधिकारियों की विशेष तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है। प्रशासन का प्रयास है कि किसी इलाके में समस्या सामने आने पर उसकी जानकारी जल्द मिले और राहत या आवश्यक कार्रवाई में देरी न हो।