आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय को आधुनिक तकनीक से विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। संग्रहालय की गैलरियों को तैयार करने, ऐतिहासिक घटनाओं को जीवंत रूप में दिखाने और डिजिटल तकनीक से जोड़ने के लिए टेंडर जारी किया गया है। इसमें 7-डी तकनीक, इंटरएक्टिव डिस्प्ले, वर्चुअल रियलिटी और साउंड-लाइट प्रभावों के इस्तेमाल की योजना है।
संग्रहालय का उद्देश्य छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, उनके साहस और स्वराज्य के संकल्प के साथ उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत करना है। यहां आने वाले लोगों को केवल चित्रों और लिखित जानकारी तक सीमित रहने के बजाय तकनीक के माध्यम से ऐतिहासिक प्रसंगों का अनुभव कराने की योजना बनाई गई है।
7-डी गैलरी में दिखेगी शिवाजी महाराज की ऐतिहासिक घटना
संग्रहालय का सबसे खास आकर्षण ‘शिवाजी एवं द ग्रेट एस्केप गैलरी’ होगी। इसमें आगरा किले से छत्रपति शिवाजी महाराज के ऐतिहासिक पलायन की घटना को 7-डी तकनीक, डिजिटल ध्वनि, रोशनी और दृश्य प्रभावों के जरिए दिखाने की योजना है।
इस तकनीक से दर्शकों को घटना के माहौल, रणनीति और उससे जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों का अनुभव कराने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संग्रहालय की गैलरियों को इंटरएक्टिव बनाने और आगंतुकों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया है।
इंटरएक्टिव तकनीक से जुड़ेंगे दर्शक
संग्रहालय में केवल पारंपरिक प्रदर्शनियां ही नहीं होंगी, बल्कि आधुनिक डिजिटल माध्यमों का भी उपयोग किया जाएगा। प्रस्तावित सुविधाओं में वर्चुअल रियलिटी, डिजिटल आर्काइव, साउंड-लाइट शो और इंटरएक्टिव डिस्प्ले शामिल हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से आगंतुक ऐतिहासिक घटनाओं, व्यक्तित्वों और सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में अधिक रोचक तरीके से जानकारी हासिल कर सकेंगे।
सात गैलरियों में दिखेगी इतिहास और संस्कृति की झलक
संग्रहालय की प्रस्तावित गैलरियों में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और संघर्ष के अलावा उत्तर प्रदेश तथा ब्रज की संस्कृति, प्राचीन अस्त्र-शस्त्र और ऐतिहासिक धरोहरों को स्थान देने की योजना है।
‘अग्रदूतों की गैलरी’ में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े सेनानियों की गाथा और ऐतिहासिक सामग्री प्रदर्शित करने की तैयारी है। इसमें रानी लक्ष्मीबाई, नाना साहेब और तात्या टोपे जैसी ऐतिहासिक विभूतियों से जुड़ी जानकारी भी शामिल की जा सकती है।
संग्रहालय परियोजना के लिए टेंडर जारी
संग्रहालय की गैलरियों को तैयार करने और उनमें प्रदर्शित होने वाली सामग्री को विकसित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। उपलब्ध टेंडर विवरण के अनुसार, संग्रहालय की क्यूरेशन और फिट-आउट संबंधी कार्य के लिए बोलियां आमंत्रित की गई हैं। टेंडर जमा करने की अंतिम तारीख 12 अक्टूबर 2026 और बोलियां खुलने की तारीख 13 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
ध्यान देने वाली बात: ₹80 करोड़ की राशि संग्रहालय की कुल परियोजना या विभिन्न कार्यों के बजट से जुड़ी बताई जा रही है। जारी क्यूरेशन टेंडर की अनुमानित लागत अलग है, इसलिए पूरी राशि को केवल इसी टेंडर का मूल्य समझना सही नहीं होगा।
आगरा के पर्यटन को मिल सकती है नई पहचान
आगरा पहले से ही ऐतिहासिक इमारतों और स्मारकों के कारण देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। ऐसे में छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय के विकसित होने से शहर के पर्यटन अनुभव में एक नया आयाम जुड़ सकता है। आधुनिक तकनीक के साथ तैयार की जाने वाली गैलरियां विद्यार्थियों, इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों और पर्यटकों के लिए आकर्षण बन सकती हैं। हालांकि संग्रहालय के आम लोगों के लिए पूरी तरह खुलने की अंतिम तारीख की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।
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