गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने मध्य प्रदेश से पूर्वांचल के विभिन्न जिलों तक अवैध पिस्टल की सप्लाई करने वाले नेटवर्क से जुड़े आरोपी बिट्टू इंदौरी उर्फ देवेंद्र सक्सेना को गिरफ्तार किया है। आरोपी को शनिवार, 31 अक्टूबर की शाम कैंट थाना क्षेत्र के कौवाबाग अंडरपास के पास से पकड़ा गया था। उसके कब्जे से दो अवैध पिस्टल और मैगजीन बरामद की गई हैं। पूछताछ के बाद रविवार, एक नवंबर को उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया। एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री से जुड़े नेटवर्क में सक्रिय था।
जानकारी के अनुसार, एसटीएफ की गोरखपुर फील्ड यूनिट को सूचना मिली थी कि मध्य प्रदेश का एक हथियार तस्कर अवैध पिस्टल की खेप लेकर गोरखपुर पहुंचने वाला है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसटीएफ ने कैंट थाना पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया। टीम ने कौवाबाग अंडरपास के आसपास निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।
शनिवार शाम करीब 7:15 बजे एसटीएफ ने घेराबंदी कर संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान बिट्टू इंदौरी उर्फ देवेंद्र सक्सेना के रूप में हुई। आरोपी मध्य प्रदेश के इंदौर का रहने वाला बताया गया है। तलाशी के दौरान उसके पास से दो पिस्टल और मैगजीन बरामद होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ में अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि मध्य प्रदेश और हरियाणा से हथियारों की आपूर्ति का एक नेटवर्क पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक फैला हुआ है। इस नेटवर्क के माध्यम से अवैध पिस्टल विभिन्न आपराधिक गिरोहों तक पहुंचाई जाती थीं।
बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले का सेंधवा क्षेत्र और हरियाणा का सोनीपत इस नेटवर्क की आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े हैं। एसटीएफ के अनुसार, इन स्थानों से हथियार लाकर गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज और आसपास के जिलों में पहुंचाए जाते थे। एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका का पता लगाने में जुटी है।पूछताछ में यह भी सामने आया कि बिट्टू इंदौरी के तार पूर्वांचल में सक्रिय कुछ आपराधिक गिरोहों से जुड़े हुए हैं। एसटीएफ को संदेह है कि आरोपी केवल हथियारों की आपूर्ति तक सीमित नहीं था, बल्कि विभिन्न गिरोहों की मांग के अनुसार हथियार उपलब्ध कराने में भी भूमिका निभाता था।
जांच एजेंसी के अनुसार, गोरखपुर के खजनी क्षेत्र में सक्रिय एक गिरोह को भी कथित तौर पर बिट्टू ने हथियार उपलब्ध कराए थे। इस गिरोह का नाम हत्या की एक वारदात से जुड़ी जांच में सामने आया है। एसटीएफ अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने किन लोगों को हथियार दिए और उन हथियारों का इस्तेमाल किन आपराधिक घटनाओं में हुआ।अधिकारियों के मुताबिक, बिट्टू इंदौरी का नाम उस अंतरराज्यीय असलहा तस्करी नेटवर्क की जांच में सामने आया है, जिसके संबंध कथित रूप से लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गिरोह से भी जोड़े जा रहे हैं। हालांकि, इन संबंधों और आरोपी की व्यक्तिगत भूमिका का अंतिम निर्धारण विस्तृत जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
इस मामले में एसटीएफ पहले भी कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। सितंबर 2026 में चलाए गए अभियान के दौरान गिरोह से जुड़े पांच संदिग्धों को पांच अवैध पिस्टल के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद अक्टूबर में भी एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई थी और उसके कब्जे से दो पिस्टल बरामद की गई थीं।लगातार हो रही गिरफ्तारियों से जांच एजेंसी को नेटवर्क की गतिविधियों के बारे में नई जानकारी मिल रही है। एसटीएफ का मानना है कि इस तरह के गिरोह अलग-अलग राज्यों में सक्रिय संपर्कों के माध्यम से अवैध हथियारों की आपूर्ति करते हैं।
पुलिस के अनुसार, अवैध हथियारों की तस्करी का यह मामला केवल गोरखपुर तक सीमित नहीं है। इसकी जांच में कई जिलों और राज्यों के संदिग्ध संपर्कों की जानकारी सामने आई है। इसलिए नेटवर्क में शामिल अन्य व्यक्तियों की तलाश और संबंधित सूचनाओं का सत्यापन किया जा रहा है।बिट्टू इंदौरी की गिरफ्तारी के बाद जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि उसके माध्यम से कितनी पिस्टल पूर्वांचल के जिलों में पहुंचाई गईं। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपी किन व्यक्तियों के संपर्क में था और उसके माध्यम से हथियार प्राप्त करने वाले लोगों की पहचान क्या है।
एसटीएफ इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि बरामद हथियार किन स्रोतों से लाए गए थे। इसके लिए आरोपी से मिली जानकारी को पूर्व में गिरफ्तार संदिग्धों के बयानों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से मिलाया जा रहा है।अवैध हथियारों की तस्करी कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती मानी जाती है। ऐसे हथियार अपराधियों तक पहुंचने से हत्या, रंगदारी और अन्य संगीन अपराधों का खतरा बढ़ सकता है। इसीलिए पुलिस और विशेष जांच एजेंसियां हथियारों की अवैध आपूर्ति से जुड़े गिरोहों पर लगातार निगरानी रखती हैं।एसटीएफ की इस कार्रवाई से पूर्वांचल में सक्रिय हथियार तस्करी नेटवर्क की एक और कड़ी सामने आई है। हालांकि, नेटवर्क का पूरा विस्तार और इसमें शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका अभी जांच का विषय है।