Muzaffarnagar में सौहार्द को लेकर बड़ा आयोजन

Update: 2026-07-19 11:24 GMT

Muzaffarnaga मुजफ्फरनगर :  आपसी सौहार्द, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से रविवार को मुजफ्फरनगर में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से पांचवें सद्भावना सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं, सामाजिक प्रतिनिधियों और जिले के वरिष्ठ नागरिकों ने एक मंच पर आकर समाज में प्रेम, शांति और आपसी विश्वास बनाए रखने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सम्मेलन का उद्देश्य समाज में बढ़ती दूरियों को कम करना और सभी समुदायों के बीच आपसी सहयोग एवं भाईचारे की भावना को मजबूत करना था। वक्ताओं ने कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता और अनेकता में एकता से है। देश की संस्कृति हमेशा से सभी धर्मों और समुदायों को साथ लेकर चलने की रही है।

सम्मेलन के दौरान “हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, आपस में हैं सब भाई-भाई” जैसे नारों से माहौल गूंज उठा। वक्ताओं ने कहा कि समाज की मजबूती तभी संभव है जब सभी लोग एक-दूसरे के धर्म, संस्कृति और भावनाओं का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि नफरत और भेदभाव से किसी का भला नहीं हो सकता, जबकि प्रेम, विश्वास और सहयोग से ही समाज और देश आगे बढ़ सकता है।

धर्मगुरुओं ने अपने संबोधन में कहा कि सभी धर्म मानवता, शांति और सदाचार का संदेश देते हैं। इसलिए समाज के हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह आपसी मतभेदों को दूर कर एकता और भाईचारे को बढ़ावा दे। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को भी सामाजिक समरसता और सह-अस्तित्व की भावना के बारे में जागरूक करना जरूरी है।

कार्यक्रम में सामाजिक मुद्दों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने लोगों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और स्वच्छ वातावरण से ही स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।

सम्मेलन में मौजूद सामाजिक प्रतिनिधियों ने कहा कि मुजफ्फरनगर की पहचान आपसी सहयोग और भाईचारे की रही है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और लोगों के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत होता है।

वक्ताओं ने कहा कि देश की प्रगति के लिए सामाजिक एकता बेहद जरूरी है। जब सभी समुदाय मिलकर काम करते हैं तो समाज में शांति और विकास का वातावरण बनता है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों से बचें और समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा दें।

आयोजन के दौरान विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने एक-दूसरे का सम्मान करते हुए एकता और सद्भाव का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने समाज में प्रेम, भाईचारे और शांति का संदेश फैलाने का प्रण लिया।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के इस सद्भावना सम्मेलन का समापन राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और मानवता के मूल्यों को आगे बढ़ाने के आह्वान के साथ हुआ। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को जोड़ने और लोगों के बीच विश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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