एटा: त्योहारों से पहले मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए उत्तर प्रदेश के एटा जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। लखनऊ मुख्यालय और एटा की संयुक्त टीम ने दो डेयरियों पर छापेमारी कर पनीर, देसी घी, क्रीम, मक्खन और अन्य खाद्य सामग्री बरामद की। अधिकारियों ने संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। वहीं, कुछ सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया। इस कार्रवाई का उद्देश्य त्योहारों के दौरान लोगों तक सुरक्षित खाद्य पदार्थ पहुंचाना है।

सपना डेयरी पर देर रात छापेमारी
खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने गुरुवार देर रात एटा में सपना डेयरी पर छापा मारा। अधिकारियों को यहां संदिग्ध पनीर, खोया और देसी घी की बिक्री तथा निर्माण की सूचना मिली थी। जांच के दौरान टीम ने करीब 10 कुंतल पनीर, एक कुंतल देसी घी, 40 किलोग्राम क्रीम और आठ कुंतल सोयाबीन सामग्री बरामद की। इसके अलावा स्किम्ड मिल्क पाउडर, सोयाबीन तेल, रिफाइंड तेल और पाम ऑयल सहित अन्य सामग्री भी मिली। अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे। रिपोर्ट के अनुसार, बरामद पनीर को जेसीबी की मदद से गड्ढा खुदवाकर नष्ट कराया गया। डेयरी संचालक और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई।
बाबा डेयरी में भी कार्रवाई, मक्खन नष्ट
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दूसरी कार्रवाई कासगंज रोड स्थित बाबा डेयरी में की। यहां निरीक्षण के दौरान देसी घी के 176 टीन सीज किए गए। अधिकारियों ने इनकी गुणवत्ता को लेकर संदेह जताया। इसके साथ ही करीब 100 किलोग्राम मक्खन को मौके पर नष्ट कराया गया। डेयरी से संबंधित खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारों से पहले बढ़ाई गई निगरानी
दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान पनीर, घी, दूध, मिठाई और खाद्य तेलों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में मिलावट की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग दुकानों, डेयरियों और खाद्य सामग्री बनाने वाली इकाइयों की जांच कर रहा है। उत्तर प्रदेश में 8 और 9 अक्टूबर को चलाए गए अभियान के दौरान करीब 22,642 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसका अनुमानित मूल्य लगभग 1.04 करोड़ रुपये बताया गया। एटा में भी इस अभियान के तहत कार्रवाई की गई।
लैब रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संदिग्ध खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनमें मिलावट की स्थिति प्रयोगशाला जांच से निर्धारित होगी। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं को भी खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, पैकेजिंग और बिल पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
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