Lucknow: हिंद नगर कॉलोनी की स्थिति में बदलाव, अवैध कॉलोनियों की लिस्ट से बाहर
"मिलेगी नई पहचान"
लखनऊ: अवैध कॉलोनियों की सूची में शामिल हिंद नगर कॉलोनी को उसकी पहचान मिलेगी। अन्य कॉलोनी की तरह इसका भी विकास कराया जाएगा और लोगों को सुविधाएं मिलेंगी। हिंद नगर कॉलोनी को अवैध सूची से हटाने और नियोजित विकास कराने का प्रस्ताव प्राधिकरण ने तैयार कर लिया है। इसे जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।
कानपुर रोड स्थित हिंद नगर कॉलोनी वर्ष 1960 में एक विकासकर्ता द्वारा टाउन एंड विलेज प्लानर से लेआउट स्वीकृत कराकर विकसित की गई थी। यहां करीब 700 मकान बने हैं।
विकासकर्ता को कॉलोनी नगर निगम में नियोजित करने के लिए 10 किस्त में कुल 1,91,600 रुपये विकास शुल्क जमा करना था। इसमें एक किस्त जमा की गई। इस वजह से कॉलोनी निगम में नियोजित और हस्तांतरित नहीं हुई। इधर, एडीए बना तो हिंद नगर कॉलोनी को अवैध कॉलोनियों की सूची में डाल दिया। इस कारण हिंद नगर का नियोजित तरीके से विकसित नहीं हो सका। स्थानीय लोगों के काफी संघर्ष करने पर वर्ष 2022 में नगर निगम में बकाया विकास शुल्क ब्याज समेत करीब एक करोड़ रुपये किया गया। इस आधार पर कॉलोनी नियोजित करके हस्तांतरित की गई, लेकिन एलडीए ने अवैध कॉलोनी की सूची से नाम नहीं हटाया। इस वजह से अन्य कॉलोनी की तरह हिंद नगर का नियोजित विकास नहीं हो सका। तब से नगर निगम, एलडीए, जल निगम आदि विभागों की सुविधाओं का अभाव कॉलोनी में अभाव है। बैंकें मकानों पर निर्माण व अन्य कार्य के लिए ऋण नहीं देती हैं।
कॉलोनी को अवैध सूची से हटाने का एलडीए के सदस्य पुष्कर शुक्ला ने बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा था। जो शासन से स्वीकृति होते ही हिंद नगर कॉलोनी वासियों को राहत देगा।