छोटे भाई की मौत से अकेला पड़ा अहजम, सरकार से लगाई अंतिम इच्छा पूरी करने की गुहार
प्रयागराज/झांसी : माफिया अतीक अहमद के परिवार पर एक बार फिर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गुरुवार को अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद की एक भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे में उसके एक दोस्त की भी जान चली गई, जबकि तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। झांसी मेडिकल कॉलेज पहुंचे अतीक के बड़े बेटे अहजम अहमद अपने छोटे भाई का शव देखकर फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने सरकार से भावुक अपील करते हुए कहा कि जेल में बंद उनके दोनों भाइयों को आबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी जाए।
जानकारी के अनुसार आबान अपने चार दोस्तों के साथ प्रयागराज से झांसी के लिए निकला था। उसका उद्देश्य झांसी जिला जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मुलाकात करना था। लेकिन यह सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित हुआ। रास्ते में तेज रफ्तार कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें आबान और उसके साथी सोनू की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में कार में सवार तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
हादसे की सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज और पोस्टमार्टम हाउस के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। देर शाम अतीक अहमद के चौथे नंबर के बेटे अहजम अहमद मेडिकल कॉलेज पहुंचे और उन्होंने अपने भाई आबान के शव की पहचान की। छोटे भाई का शव देखते ही वह भावुक होकर रो पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें संभालने की कोशिश की।
मीडिया से बातचीत के दौरान अहजम ने बताया कि गुरुवार तड़के आबान अपने दोस्तों के साथ भाई अली से मिलने झांसी जेल जा रहा था। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि रास्ते में इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि झांसी जेल में बंद अली अहमद और लखनऊ जेल में बंद उमर अहमद को आबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी जाए। उनका कहना था कि परिवार लगातार एक के बाद एक त्रासदियों का सामना कर रहा है और इस कठिन समय में भाइयों का अंतिम दर्शन करना उनका अधिकार है।
अहजम मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती घायलों से मिलने भी पहुंचे और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। घायलों में एक युवक की पहचान अमन के रूप में बताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर केवल पांच लोगों के कार में सवार होने की पुष्टि की है, जिनमें दो की मौत और तीन के घायल होने की जानकारी दी गई है।
बताया जा रहा है कि आबान लगभग 420 किलोमीटर की यात्रा तय कर चुका था और झांसी जिला जेल पहुंचने से पहले ही हादसे का शिकार हो गया। दुर्घटनास्थल से जेल की दूरी करीब 80 किलोमीटर रह गई थी। सूत्रों के अनुसार झांसी जेल में बंद अली अहमद को भी अपने छोटे भाई के आने की जानकारी मिल चुकी थी, लेकिन दोनों भाइयों की यह मुलाकात हमेशा के लिए अधूरी रह गई।
अली अहमद फिलहाल रंगदारी और चर्चित उमेश पाल हत्याकांड से जुड़े मामलों में झांसी जिला जेल में बंद है। उसे वर्ष 2025 में प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल से झांसी स्थानांतरित किया गया था। इससे पहले नैनी जेल में उसके पास से नकदी मिलने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से जेल बदलने का निर्णय लिया था। वहीं उमर अहमद भी दूसरे मामले में लखनऊ जेल में बंद है।
उमेश पाल हत्याकांड के बाद से अतीक अहमद का परिवार लगातार मुश्किलों और त्रासदियों से गुजर रहा है। इस हत्याकांड के बाद अतीक के बेटे असद अहमद की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। इसके कुछ ही समय बाद पुलिस अभिरक्षा के दौरान अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन अब भी फरार बताई जाती हैं। अब सबसे छोटे बेटे आबान की सड़क दुर्घटना में मौत ने परिवार को एक और गहरा सदमा दिया है।
फिलहाल पुलिस सड़क हादसे के कारणों की जांच कर रही है। दुर्घटना कैसे हुई, वाहन की गति कितनी थी और किन परिस्थितियों में यह हादसा हुआ, इसकी विस्तृत जांच जारी है। वहीं आबान की मौत के बाद प्रयागराज और झांसी दोनों जगह शोक का माहौल है और परिवार अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटा हुआ है।