लंका पुलिस ने 10.11 किलो गांजे के साथ तस्कर को पकड़ा, एमएससी का छात्र निकला आरोपी
वाराणसी। लंका पुलिस ने शुक्रवार को रमना बजबजा प्लांट के पास कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान कैंटोनमेंट क्षेत्र के फुलवरिया निवासी हरिओम सिंह के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 10.11 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी उदय प्रताप कॉलेज से एमएससी की पढ़ाई कर रहा है और कथित तौर पर पैसे के लालच में बिहार से गांजा लाकर वाराणसी के अलग-अलग इलाकों में बेचता था। पूछताछ के दौरान पुलिस को तस्करी के नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य नामों की जानकारी भी मिली है। इन लोगों की तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
लंका थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा के अनुसार, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रमना क्षेत्र में एक युवक मोटरसाइकिल से गांजा लेकर पहुंचने वाला है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई।
चौकी प्रभारी रमना पवन पांडेय पुलिस बल के साथ रमना बजबजा प्लांट के पास पहुंचे और संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। पुलिस ने बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर दी।
इसी दौरान मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे हरिओम सिंह को पुलिस ने रोक लिया। पूछताछ के बाद जब उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर बरामद मादक पदार्थ को कब्जे में ले लिया।
10.11 किलो गांजा बरामद
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के पास से कुल 10.11 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब बरामद गांजे के स्रोत और उसकी सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी के बिहार से गांजा लाकर वाराणसी के विभिन्न इलाकों में बेचने की बात सामने आने का दावा किया गया है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी कितने समय से इस गतिविधि में शामिल था और बिहार में उसे गांजा कौन उपलब्ध कराता था।
पढ़ाई के साथ तस्करी का आरोप
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार हरिओम सिंह उदय प्रताप कॉलेज में एमएससी की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी पढ़ाई के साथ कथित तौर पर मादक पदार्थ की तस्करी और बिक्री में शामिल था।
प्रारंभिक पूछताछ में उसने पैसे कमाने के लालच में इस काम से जुड़ने की बात बताई है। हालांकि, पुलिस जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह अकेले इस नेटवर्क को संचालित कर रहा था या उसके पीछे अन्य लोग भी सक्रिय थे।
पुलिस अब उसके मोबाइल फोन, संपर्कों और अन्य उपलब्ध जानकारी की जांच कर सकती है, ताकि तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
पूछताछ में सामने आए कुछ नाम
पुलिस के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ के दौरान तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस इन लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
जिन संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, उनकी तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वाराणसी में गांजे की सप्लाई किन-किन इलाकों में की जाती थी और आरोपी के संपर्क में कौन-कौन लोग थे।
जांच के दौरान तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।
बिहार से वाराणसी तक सप्लाई का आरोप
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर बिहार से गांजा लेकर वाराणसी आता था। इसके बाद शहर के अलग-अलग इलाकों में उसे बेचने का काम करता था।
पुलिस अब उस रास्ते और माध्यम की जानकारी जुटा रही है, जिसका इस्तेमाल गांजे को वाराणसी तक लाने के लिए किया जाता था। इसके अलावा यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बरामद गांजा किसे दिया जाना था।
यदि जांच में किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो पुलिस उसके खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है।
मादक पदार्थों की तस्करी पर निगरानी
लंका पुलिस की यह कार्रवाई वाराणसी में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रही निगरानी के बीच हुई है। पुलिस का कहना है कि सूचना तंत्र को सक्रिय रखते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
रमना क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई से पहले मुखबिर से मिली सूचना को सत्यापित किया गया और उसके बाद घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा गया। पुलिस का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से मादक पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
आगे की जांच जारी
हरिओम सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। बरामद गांजे के स्रोत, संभावित खरीदारों और सप्लाई नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस उन लोगों की भी तलाश कर रही है, जिनके नाम पूछताछ के दौरान सामने आए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल 10.11 किलोग्राम गांजे की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की प्राथमिकता इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचना है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ गांजा तस्करी के इस कथित नेटवर्क की और कड़ियां सामने आने की उम्मीद है।