गाजियाबाद: कर्ज में दबे होने के कारण खुद का गला रेतकर और हाथ की नस काटकर जान देने का प्रयास करने वाले कारोबारी अमरदीप शर्मा के खिलाफ कविनगर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया है. शास्त्रत्त्नगर चौकी इंचार्ज ने मुकदमा दर्ज कराया है. मुकदमे में अमरदीप के बयानों का हवाला दिया गया है.

अमरदीप ने कर्ज से परेशान होकर पत्नी सोनू और बेटे विनायक की हत्या कर खुद भी जान देने की कोशिश की थी. अमरदीप की हालत खतरे से बाहर है. एसीपी ने बताया कि मां-बेटे का बिसरा सुरक्षित किए गए हैं. अस्पताल से छुट्टी होते ही अमरदीप को गिरफ्तार किया जाएगा. वहीं, भाई नवदीप शर्मा ने बताया कि अमरदीप अक्तूबर से परेशान था. उन्होंने अमरदीप को मकान बेचकर कर्ज चुकाने को कहा था, लेकिन अमरदीप माता-पिता की आखिरी निशानी बेचने को तैयार नहीं था. नवदीप का कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि भाई इतनी परेशानी में है, वरना वह कुछ करते. भतीजे विनायक की मौत का जिक्र आते ही नवदीप शर्मा बिलखकर रोने लगे.

दामाद अमरदीप द्वारा बेटी सोनू और नाती विनायक की हत्या की सूचना के बाद होशियारपुर पंजाब से गाजियाबाद पहुंचे सोनू के पिता लेखराज ने एसीपी कविनगर से मिलकर अपना दर्द बयां किया. उन्होंने कहा कि वह पत्नी ऊषा के साथ गाजियाबाद आए हैं. उन्होंने पत्नी और बेटे का खून करने वाले दामाद के खिलाफ कार्रवाई कर बड़ी सजा दिलाने की गुहार लगाई.

वीडियो कॉल पर नहीं लगने दी भनक

लेखराज ने बताया कि बेटी सोनू ने रात उन्हें वीडियो कॉल की थी. कॉल के दौरान बेटी खुश दिखाई दी. बेटी ने अपने घर की परेशानी को जरा भी जाहिर नहीं होने दिया. एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद सोनू शर्मा और विनायक के शवों को लेखराज के ही सुपुर्द किया गया. लेखराज ने शवों का गाजियाबाद में ही अंतिम संस्कार करने की बात कही.

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