वाराणसी : रक्षाबंधन के पावन पर्व पर वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर बाबा विश्वनाथ को विशेष रूप से तैयार की गई आस्था की राखी अर्पित की गई। इस दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।

सावन के अंतिम दिन और रक्षाबंधन के मौके पर काशी में धार्मिक उत्साह अपने चरम पर रहा। देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
बाबा विश्वनाथ को बांधी गई विशेष राखी
रक्षाबंधन पर बाबा काशी विश्वनाथ को भक्तों की ओर से विशेष राखी अर्पित की गई। यह राखी श्रद्धा, प्रेम और आस्था का प्रतीक मानी गई।
भक्तों का मानना है कि भगवान शिव पूरे संसार के रक्षक हैं, इसलिए उन्हें रक्षा सूत्र अर्पित कर सुख-शांति और मंगल की कामना की जाती है।
श्रावण पूर्णिमा पर उमड़ी भक्तों की भीड़
श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर काशी विश्वनाथ धाम में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने बाबा को बेलपत्र, फूल, दूध और गंगाजल अर्पित कर पूजा-अर्चना की।
मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं।
हर-हर महादेव से गूंज उठी काशी
रक्षाबंधन और सावन के अंतिम सोमवार के बाद श्रावण पूर्णिमा पर काशी का माहौल पूरी तरह शिवमय नजर आया। गलियों से लेकर मंदिर परिसर तक हर-हर महादेव के जयकारे सुनाई देते रहे।
श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ से परिवार की खुशहाली और देश की समृद्धि की प्रार्थना की।
काशी में दिखा धार्मिक उत्सव का रंग
रक्षाबंधन के दिन जहां घरों में बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांध रही थीं, वहीं काशी में भक्तों ने भगवान शिव को रक्षा सूत्र अर्पित कर अपनी आस्था व्यक्त की।
काशी की यह परंपरा धार्मिक विश्वास और संस्कृति के अनूठे संगम को दर्शाती है।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए।
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