मेरठ में मिले अवैध हथियार, हेड कांस्टेबल समेत दो पर शक

Update: 2026-07-17 10:37 GMT

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। मवाना थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी को हथियार सप्लाई करने में उसका चचेरा भाई शामिल था, जो उत्तर प्रदेश पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान मटौरा गांव निवासी 22 वर्षीय केशू यादव के रूप में हुई है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने 16 जुलाई की शाम मुखदूमपुर अड्डे के पास नहर किनारे दबिश दी और केशू यादव को गिरफ्तार कर लिया।

तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपी के पास से एक .32 बोर की पिस्टल, एक .38 बोर रिवाल्वर, तीन .315 बोर तमंचे, सात जिंदा कारतूस और 1,550 रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस ने बरामद हथियारों को कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ मवाना थाने में मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

पूछताछ के दौरान केशू यादव ने पुलिस को बताया कि उसका चचेरा भाई अमित कुमार यादव उत्तर प्रदेश पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात है। वर्तमान में उसकी तैनाती शामली जिले के थाना कांधला में बताई गई है। आरोपी के अनुसार, अमित कुमार यादव ही उसे हथियार और कारतूस उपलब्ध कराता था, जिन्हें वह आगे बेचता था।

आरोपी ने यह भी बताया कि वह तुषार नाम के युवक के साथ मिलकर अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करता था। दोनों हथियार बेचकर मिलने वाली रकम को आपस में बांट लेते थे। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में हेड कांस्टेबल अमित कुमार यादव और तुषार अभी फरार हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

मवाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह कितने समय से सक्रिय था और अब तक कितने लोगों को हथियार सप्लाई किए जा चुके हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ हथियारों के स्रोत का भी पता लगाने में जुटी है।

इस कार्रवाई को मवाना पुलिस टीम ने प्रभारी निरीक्षक ब्रह्म कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में अंजाम दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध हथियारों की तस्करी और अपराधियों के नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

मेरठ में अवैध हथियारों का यह मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल बढ़ गई है। हेड कांस्टेबल की कथित संलिप्तता की जांच भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Tags:    

Similar News