Madhiya दलित बस्ती के सैकड़ों ग्रामीणों ने मंत्री सतीश चंद्र दुबे से लगाई न्याय की गुहार
Bihar बिहार: शिकारपुर थाना क्षेत्र के मढ़िया दलित बस्ती में पुलिस कार्रवाई और कथित मारपीट के आरोपों को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को बड़ी संख्या में महिला और पुरुष केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे के आवास पर पहुंचे और न्याय की मांग की। इस दौरान पूरे मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया और कई लोगों के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि पुलिस देर रात घरों में घुसी और महिलाओं व पुरुषों के साथ सख्ती की गई, जिससे गांव में दहशत का माहौल बन गया।
मंत्री के आवास पर पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखीं। इस दौरान पीड़िता राजकुमारी देवी भावुक हो गईं और रोते हुए उन्होंने मंत्री से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने कहा, “बबुआ, कुछ कीजिए। आधी रात को घर में घुसकर पुलिस ने पिटाई की।” उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद अन्य लोग भी भावुक हो गए और माहौल गंभीर हो गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना उचित कारण के कार्रवाई की और कई निर्दोष लोगों को भी परेशान किया गया। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और यदि पुलिस कार्रवाई में कोई अनियमितता पाई जाती है तो उचित कदम उठाए जाएंगे।
इस घटना के बाद मढ़िया दलित बस्ती में तनाव का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि वे न्याय मिलने तक शांत नहीं बैठेंगे। वहीं प्रशासन की ओर से भी मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना के बाद से गांव में भय और असुरक्षा का माहौल है। कई लोग पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराज हैं और पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।
पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि आरोपों की जांच की जा रही है और तथ्य सामने आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ ग्रामीण न्याय की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ प्रशासन जांच की बात कह रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।