गन्ने के खेत में मिला मानव कंकाल, बाघ हमले की आशंका; महेशपुर वन रेंज में जांच शुरू

Update: 2026-07-18 08:29 GMT

लखीमपुर  : उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के ममरी क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब गन्ने के खेत में एक मानव कंकाल मिलने की सूचना सामने आई। दक्षिणी खीरी वन प्रभाग की महेशपुर वन रेंज के अंतर्गत ग्राम झाऊपुर में कच्चे रास्ते के किनारे स्थित गन्ने के खेत में ग्रामीणों ने कंकाल देखा। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और इलाके में भय का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह कुछ ग्रामीण खेतों में काम करने के लिए गए थे। इसी दौरान उनकी नजर गन्ने के खेत में पड़े मानव अवशेषों पर पड़ी। पास जाकर देखने पर ग्रामीणों को वहां नर कंकाल दिखाई दिया। इसके बाद उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों को इसकी सूचना दी। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।

ग्रामीणों ने घटना की जानकारी वन विभाग और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण शुरू किया। पुलिस और वन विभाग की टीम ने क्षेत्र की जांच की और कंकाल को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

महेशपुर वन रेंज क्षेत्र पहले से ही बाघ प्रभावित इलाकों में शामिल रहा है। इसी वजह से प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि युवक की मौत किसी जंगली जानवर, विशेषकर बाघ के हमले के कारण हुई हो सकती है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

वन विभाग की टीम ने घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र में भी जांच की। बाघ या किसी अन्य वन्यजीव की मौजूदगी के संकेत तलाशे जा रहे हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों से भी पूछताछ की है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले दिनों किसी व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिली थी या नहीं।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में पहले भी वन्यजीवों की आवाजाही देखी जाती रही है। गन्ने के खेत और आसपास के जंगल वन्यजीवों के लिए सुरक्षित ठिकाने माने जाते हैं। ऐसे में खेतों में काम करने वाले ग्रामीणों में अक्सर जंगली जानवरों का डर बना रहता है।

घटना के बाद ग्रामीणों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि वन विभाग को क्षेत्र में गश्त बढ़ानी चाहिए और वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

वन अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बाघ प्रभावित क्षेत्रों में अकेले जंगल या खेतों की ओर जाने से बचना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को देनी चाहिए।

फिलहाल मानव कंकाल की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह कंकाल किस व्यक्ति का है और वह यहां तक कैसे पहुंचा। इसके लिए आसपास के गांवों में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या हाल के दिनों में इलाके से कोई व्यक्ति लापता हुआ था। इसके अलावा घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर मौत की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है।

महेशपुर वन रेंज में मानव कंकाल मिलने की घटना ने ग्रामीणों में दहशत पैदा कर दी है। हालांकि, वन विभाग और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि युवक की मौत बाघ के हमले से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।

अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही घटना से जुड़े तथ्यों का खुलासा किया जाएगा।

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