Gorakhpur गोरखपुर:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चित्रित ग़रीब लिंक एक्सप्रेसवे ने स्वतंत्रता के सबसे बड़े शहर ग़रीब और प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बीच की यात्रा बेहद तेज़ और आरामदायक बनाई है। अब यह यात्रा सिर्फ साढ़े तीन घंटे में पूरी हो गई, जबकि पहले इसी यात्रा में छह से सात घंटे का समय लग गया था। गोरखपुर से नोएडा जाने वालों के लिए यह खबर राहत की सांस जैसी है। आदिवासियों, बच्चों, छात्रों, सरकारी अधिकारियों और आम यात्रियों को अब लंबे समय तक और गरीब परिवारों की चिंता नहीं करनी पड़ी। एक्सप्रेस वे पर समेकित पर्यवेक्षण और अवलोकन की सुविधा के साथ अब यह सुविधाजनक, सुरक्षित और समर्थित बन गया है। पूर्वांचल समाचार
नेपाल से लखनऊ और दिल्ली तक आसान विकल्प
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के माध्यम से अब नेपाल सीमा (नेपाल समाचार) से आने वाले यात्री भी तेजी से लखनऊ से और वहां से दिल्ली, आगरा, वाराणसी जैसे बड़े शहरों तक पहुंच सकते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से उन तीर्थयात्रियों के लिए है जो नेपाल से उपचार या दर्शन के उद्देश्य से उत्तर भारत की ओर आते हैं। इस तेज और कम समय में पूरी होने वाली यात्रा के कारण मालवाहन, रोमानिया और निजी वाहनों में पहले से अधिक संख्या में इस मार्ग का उपयोग किया जाता था। इससे न केवल कार्गो लिफ्ट को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार, कृषि और पर्यटन उद्योग को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
अब रेलवे और राजधानी के बीच सलाहकार और सलाहकार
गोरखपुर से नोएडा तक अब तेज, सुरक्षित और समय बचाने वाली यात्रा केवल एक सपना नहीं, बल्कि हकीकत बन गई है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे ने दो प्रमुख शहरों के बीच की दूरी भले ही अपने भूगोल में नहीं घटाया हो, लेकिन समय में कटौती करके लोगों की जिंदगी में वास्तविक बदलाव जरूर ला दिया है। अब इस एक्सप्रेसवे वाले यात्रियों के लिए हर घंटे की कीमत चुकाई गई है।