हरदोई में गूंजेगा गणपति उत्सव कारीगरों ने तैयार कीं आकर्षक मूर्तियां
गणेश उत्सव से पहले हरदोई के बाजारों में बढ़ी रौनक
हरदोई : उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में गणेश उत्सव को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। भगवान गणेश की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में कुम्हार परिवार और मूर्तिकार दिन-रात जुटे हुए हैं। इस बार कारीगरों ने 6 इंच से लेकर 3 फीट तक की गणेश प्रतिमाएं तैयार की हैं, जिन्हें श्रद्धालु अपने घरों और पूजा पंडालों में स्थापित करेंगे।
गणेश चतुर्थी के पर्व को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ने लगी है। कुम्हार परिवारों के लिए यह समय सालभर की मेहनत का फल मिलने वाला होता है। मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को तैयार करने के लिए कलाकार कई दिनों पहले से काम शुरू कर देते हैं। मूर्ति बनाने से लेकर रंग-रोगन और सजावट तक हर प्रक्रिया में विशेष ध्यान रखा जाता है। हरदोई के कई क्षेत्रों में कारीगर अपने पारंपरिक हुनर के जरिए गणेश प्रतिमाएं बना रहे हैं। छोटे आकार की मूर्तियों से लेकर बड़े आकार की प्रतिमाओं तक की मांग बढ़ रही है। घरों में पूजा के लिए छोटी प्रतिमाएं पसंद की जा रही हैं, जबकि सार्वजनिक पंडालों के लिए बड़ी और आकर्षक प्रतिमाओं की मांग अधिक है।
मिट्टी से आकार ले रही हैं बप्पा की प्रतिमाएं
मूर्तिकारों के अनुसार, गणेश प्रतिमा बनाने का काम आसान नहीं होता। सबसे पहले मिट्टी को तैयार किया जाता है, इसके बाद मूर्ति का ढांचा बनाया जाता है। सूखने के बाद उस पर रंग और डिजाइन का काम किया जाता है। भगवान गणेश के चेहरे के भाव, आभूषण और सजावट को विशेष रूप से तैयार किया जाता है। कारीगर बताते हैं कि एक प्रतिमा को पूरी तरह तैयार करने में कई दिन लग जाते हैं। मेहनत और समय के बाद जब मूर्ति तैयार होती है तो श्रद्धालुओं की आस्था देखकर कलाकारों को भी खुशी मिलती है।
कुम्हार परिवारों के लिए रोजगार का अवसर
गणेश उत्सव कुम्हार और मूर्तिकार परिवारों के लिए रोजगार का बड़ा अवसर लेकर आता है। पूरे साल अलग-अलग काम करने वाले कई परिवार इस मौसम में विशेष रूप से गणेश प्रतिमाएं बनाते हैं। इससे उनकी आय में भी बढ़ोतरी होती है। हालांकि कारीगरों का कहना है कि बढ़ती लागत और बाजार की प्रतिस्पर्धा के कारण चुनौतियां भी बढ़ी हैं। मिट्टी, रंग, सजावट सामग्री और मजदूरी का खर्च बढ़ने से मूर्ति निर्माण पहले की तुलना में महंगा हो गया है।
श्रद्धालुओं में बढ़ रहा उत्साह
गणेश चतुर्थी को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। लोग अपने घरों और पंडालों के लिए पसंदीदा गणेश प्रतिमाओं की बुकिंग करा रहे हैं। कई लोग पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए मिट्टी से बनी प्रतिमाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। मूर्तिकारों का कहना है कि इस बार भी भगवान गणेश की प्रतिमाओं की मांग अच्छी बनी हुई है। छोटे आकार की प्रतिमाओं से लेकर विशाल प्रतिमाओं तक लोगों की पसंद के अनुसार डिजाइन तैयार किए जा रहे हैं। हरदोई के कुम्हार परिवारों की मेहनत से तैयार हो रही ये गणेश प्रतिमाएं केवल मिट्टी की कलाकृतियां नहीं हैं, बल्कि कलाकारों की आस्था और परंपरा का भी प्रतीक हैं। गणेश उत्सव शुरू होने से पहले बप्पा की प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के घरों और पंडालों तक पहुंचने के लिए तैयार हैं।