श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर फोकस, कांवड़ यात्रा के लिए तैयार प्रशासन

Update: 2026-07-20 15:46 GMT

Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर :  कांवड़ यात्रा-2026 और श्रावण शिवरात्रि को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार को मेरठ में अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने संबंधित राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यात्रा की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की।

बैठक में उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान कांवड़ यात्रा के दौरान आने वाली संभावित चुनौतियों, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल को लेकर मंथन किया गया। अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न राज्यों से होकर गुजरते हैं, ऐसे में सभी राज्यों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है।

मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें और यात्रा मार्गों पर व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा कर लिया जाए। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने पर भी जोर दिया।

मुख्य सचिव ने बताया कि इस वर्ष दिल्ली-सहारनपुर इकोनॉमिक एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे के संचालन को देखते हुए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। नए एक्सप्रेस-वे शुरू होने से यातायात व्यवस्था में बदलाव आया है, इसलिए वाहनों की आवाजाही और कांवड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलग रणनीति बनाई जा रही है।

बैठक में सक्रिय अभिसूचना तंत्र को मजबूत रखने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि किसी भी संभावित समस्या या अप्रिय घटना को रोकने के लिए पहले से सूचनाएं जुटाई जाएं और तुरंत कार्रवाई की जाए। इसके अलावा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

बैठक के बाद डीजीपी राजीव कृष्ण मुजफ्फरनगर पहुंचे। यहां उन्होंने शिव चौक समेत शहर के प्रमुख स्थलों का निरीक्षण किया और कांवड़ यात्रा को लेकर की गई सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इसके बाद डीजीपी ने रिजर्व पुलिस लाइन में पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जिले की सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पुलिस बल की तैनाती और आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों पर चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान पूरी सतर्कता बरती जाए और श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जाए।

पुलिस प्रशासन की ओर से बताया गया कि यात्रा मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। इसके अलावा यातायात नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

कांवड़ यात्रा के दौरान हर साल लाखों श्रद्धालु हरिद्वार समेत अन्य धार्मिक स्थलों से जल लेकर अपने क्षेत्रों में पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है। इस बार प्रशासन ने पहले से योजना बनाकर तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि यात्रा बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।

अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित और सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग लगातार समन्वय के साथ काम करेंगे। श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।

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