पीलीभीत :  अमरिया में रामलीला कमेटी की बैठक के दौरान सोमवार रात विवाद के बाद फायरिंग हो गई। आय-व्यय का हिसाब और नई कमेटी के गठन को लेकर शुरू हुए विवाद में पुरानी कमेटी के दो पदाधिकारियों की हत्या कर दी गई। आरोप है कि कौशल गुप्ता और उसके साथियों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। फायरिंग में दो अन्य लोग भी घायल हुए, जिन्हें उपचार के लिए बरेली भेजा गया है। घटना थाने से करीब 500 मीटर दूर हुई। पुलिस ने दो आरोपितों को पकड़ा है और अन्य आरोपितों की
गिरफ्तारी
के लिए चार टीमें रवाना की गई हैं।
अमरिया कस्बे में प्रतिवर्ष रामलीला का मंचन होता है। पिछले वर्ष मेला कमेटी के पदाधिकारी रहे अमित गुप्ता ने सोमवार रात एक सदस्य के घर बैठक बुलाई थी। बैठक में पिछली इकाई के आय-व्यय का हिसाब और नई इकाई के गठन पर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान हिसाब को लेकर सवाल उठे और विवाद शुरू हो गया। बैठक के लिए जुटे लोगों के बीच हुई कहासुनी बाद में हिंसक घटना में बदल गई। फायरिंग में दो लोगों की मौत और दो अन्य के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, कस्बे का निवासी कौशल गुप्ता इस बार मेला कमेटी का पदाधिकारी बनने की दावेदारी कर रहा था। बैठक में उसने आय-व्यय के हिसाब पर सवाल उठाए। पुलिस के मुताबिक, इसी विषय को लेकर उसने हंगामा शुरू कर दिया। अमित गुप्ता और उनके सहयोगी कुणाल गुप्ता सहित अन्य लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पूरी कमेटी बैठक में मौजूद है और खर्च का हिसाब दिया जा रहा है। इसलिए संयम से बात रखने और बेवजह हंगामा नहीं करने को कहा गया।
बैठक में मौजूद लोगों की इस आपत्ति के बाद भी विवाद शांत नहीं हुआ। आरोप है कि कौशल गुप्ता और उसके साथियों ने गोलियां चला दीं। फायरिंग में पुरानी कमेटी के दो पदाधिकारियों की जान चली गई। हालांकि, उपलब्ध विवरण में मृतकों के नाम स्पष्ट रूप से अलग नहीं बताए गए हैं। अमित और कुणाल का उल्लेख बैठक में आपत्ति जताने वालों के रूप में है। इसलिए केवल इसी आधार पर उन्हें मृतकों के रूप में चिन्हित करना उचित नहीं होगा। मृतकों की पहचान का स्पष्ट विवरण सामने आना बाकी है।
गोलियां चलने से दो अन्य लोग भी घायल हुए। उन्हें उपचार के लिए बरेली भेजा गया है। उपलब्ध जानकारी में घायलों के नाम, उम्र या उनकी वर्तमान चिकित्सकीय स्थिति नहीं दी गई है। किस अस्पताल में उनका उपचार हो रहा है, इसका भी उल्लेख नहीं है। इसलिए उनकी हालत के बारे में कोई अतिरिक्त दावा नहीं किया जा सकता। फिलहाल फायरिंग में घायल दो लोगों को उपचार के लिए बरेली भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
घटना का स्थान थाने से करीब 500 मीटर दूर बताया गया है। इतनी कम दूरी पर बैठक के दौरान हुई फायरिंग में दो लोगों की जान जाने की घटना सामने आई। हालांकि, बैठक किस सदस्य के घर आयोजित हुई थी और उस समय कुल कितने लोग मौजूद थे, इसका ब्योरा उपलब्ध नहीं है। पुलिस को सूचना किस समय मिली और टीम घटनास्थल पर कब पहुंची, इसकी अलग समयरेखा भी नहीं दी गई है। घटना सोमवार रात की बताई गई है।
पुलिस ने दो आरोपितों को पकड़ लिया है। इसके साथ ही देर रात एसपी सुकीर्ति माधव ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें रवाना कीं। उपलब्ध विवरण में पकड़े गए दोनों व्यक्तियों के नाम स्पष्ट नहीं किए गए हैं। इसलिए कौशल गुप्ता के गिरफ्तार होने की अलग पुष्टि नहीं की जा सकती। गिरफ्तारी के लिए टीमों को भेजे जाने की सूचना भी सामने आई है। किस टीम को कहां भेजा गया और किन लोगों की तलाश है, इसका विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम में विवाद के दो विषय सामने आए हैं—पिछली कमेटी के आय-व्यय का हिसाब और नई कमेटी का गठन। पुलिस के अनुसार, कौशल गुप्ता पदाधिकारी बनने की दावेदारी कर रहा था और उसने हिसाब पर सवाल उठाए थे। हालांकि, खर्च में किसी वित्तीय गड़बड़ी की पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है। हिसाब पर सवाल उठना और उसमें अनियमितता साबित होना अलग बातें हैं। इसलिए बैठक के विवाद को धन के गबन या किसी अन्य वित्तीय अपराध की पुष्टि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
रामलीला और मेले की कमेटी से संबंधित बैठक में पुराने कामकाज का हिसाब देने तथा नई इकाई पर चर्चा करने के लिए लोग जुटे थे। अमित गुप्ता ने बैठक बुलाई थी और हिसाब को लेकर हुए हंगामे पर उन्होंने तथा उनके सहयोगियों ने आपत्ति जताई। इसके बाद फायरिंग का आरोप सामने आया। उपलब्ध जानकारी में हथियार बरामद होने, गोली चलाने वालों की कुल संख्या या किसी आरोपित के बयान का उल्लेख नहीं है। इन विषयों पर आगे की जानकारी से घटना की परिस्थितियां अधिक स्पष्ट होंगी।
सोमवार रात की इस घटना में दो पदाधिकारियों की मौत हुई है और दो घायल उपचार के लिए बरेली भेजे गए हैं। पुलिस ने दो आरोपितों को पकड़ा है, जबकि एसपी के निर्देश पर चार टीमें गिरफ्तारी के लिए रवाना हुई हैं। बैठक में आय-व्यय और नई कमेटी के गठन को लेकर शुरू हुआ विवाद फायरिंग तक पहुंचने का आरोप है। अब मृतकों तथा घायलों की पहचान, पकड़े गए आरोपितों का विवरण और पुलिस की आगे की कार्रवाई सामने आने पर पूरा घटनाक्रम स्पष्ट होगा।
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