गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में शनिवार सुबह घरेलू गैस सिलिंडर की खराबी ठीक करने के दौरान आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। शाहपुर थाना क्षेत्र के राप्तीनगर फेज एक स्थित एक मकान में अचानक आग लग गई। आग की चपेट में आने से बुजुर्ग दंपती समेत चार लोग झुलस गए। घायलों में गैस सिलिंडर की खराबी ठीक करने पहुंचा गैस एजेंसी का हॉकर भी शामिल है। हादसे के बाद तीन घायलों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि हॉकर का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। घटना की सूचना मिलने पर शाहपुर पुलिस मौके पर पहुंची और आग बुझाई।
यह घटना शनिवार सुबह करीब 11 बजे राप्तीनगर फेज एक स्थित मकान नंबर एलआईजी-156 में हुई। यहां 75 वर्षीय रंजन दास अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनके घरेलू गैस सिलिंडर में कुछ समस्या आ रही थी। खराबी ठीक कराने के लिए उन्होंने गैस एजेंसी के 40 वर्षीय हॉकर इंद्रेश को बुलाया था। बताया जा रहा है कि सिलिंडर की समस्या दूर करने के दौरान हुई असावधानी से आग लग गई और वहां मौजूद चार लोग इसकी चपेट में आ गए।
सिलिंडर में खराबी आने पर बुलाया था हॉकर
जानकारी के अनुसार, राप्तीनगर फेज एक निवासी रंजन दास के घर में इस्तेमाल होने वाले घरेलू गैस सिलिंडर में कुछ तकनीकी समस्या आ रही थी। इस परेशानी को दूर कराने के लिए उन्होंने गैस एजेंसी से जुड़े हॉकर इंद्रेश को बुलाया।
करीब 40 वर्षीय इंद्रेश शनिवार सुबह मकान पर पहुंचा। वह सिलिंडर में आई समस्या को ठीक करने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान अचानक आग लग गई।
आग इतनी तेजी से फैली कि घर में मौजूद लोग उसकी चपेट में आ गए। हादसे में मकान मालिक रंजन दास, उनकी पत्नी और दो अन्य लोग झुलस गए।
घटना में घायल चार लोगों में इंद्रेश भी शामिल है। हालांकि, बुजुर्ग दंपती के अलावा झुलसे चौथे व्यक्ति का नाम और उम्र उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।
सुबह 11 बजे हुआ हादसा
शनिवार सुबह करीब 11 बजे राप्तीनगर फेज एक के मकान नंबर एलआईजी-156 में यह घटना हुई।
घरेलू गैस सिलिंडर में आई खराबी को दूर करने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक आग लग गई।
प्रारंभिक जानकारी में हादसे की वजह सिलिंडर ठीक करते समय हुई असावधानी बताई जा रही है।
हालांकि, आग लगने का सटीक तकनीकी कारण अभी स्पष्ट नहीं है। यह जानकारी भी सामने नहीं आई है कि सिलिंडर से गैस का रिसाव हो रहा था या उसके किसी उपकरण में खराबी थी।
ऐसे मामलों में आग लगने की वास्तविक वजह का पता संबंधित जांच के बाद ही लगाया जा सकता है।
बुजुर्ग दंपती समेत चार लोग झुलसे
आग लगने से घर में मौजूद 75 वर्षीय रंजन दास और उनकी पत्नी समेत चार लोग झुलस गए।
घायलों में सिलिंडर की खराबी ठीक करने आया गैस एजेंसी का हॉकर इंद्रेश भी शामिल है।
बुजुर्ग दंपती की उम्र को देखते हुए उनके उपचार और स्वास्थ्य की निगरानी महत्वपूर्ण है।
आग की चपेट में आने से झुलसने वाले लोगों को तत्काल चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता होती है।
हालांकि, इस घटना में किस व्यक्ति का शरीर कितने प्रतिशत झुलसा है और किसकी हालत कितनी गंभीर है, इसकी विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी उपलब्ध नहीं है।
सभी घायलों का अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है।
तीन घायलों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कराया भर्ती
हादसे में झुलसे तीन लोगों को गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्थित नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वहीं, गैस एजेंसी के हॉकर इंद्रेश का उपचार एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
इस प्रकार चारों घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर का प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थान है, जहां विभिन्न प्रकार की गंभीर बीमारियों और चोटों का उपचार किया जाता है।
फिलहाल घायलों की स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
उनकी हालत में सुधार और उपचार की आगे की स्थिति चिकित्सकीय जानकारी मिलने पर स्पष्ट हो सकेगी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची शाहपुर पुलिस
राप्तीनगर फेज एक में घर के भीतर आग लगने की घटना की जानकारी मिलने पर शाहपुर पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर आग बुझाई और स्थिति को संभाला।
समय पर आग बुझाए जाने से उसे आगे फैलने से रोकने में मदद मिली।
हालांकि, आग बुझाने में कितना समय लगा और क्या दमकल विभाग की सहायता भी ली गई, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
मकान में आग लगने से कितना सामान क्षतिग्रस्त हुआ, इसका भी विवरण सामने नहीं आया है।
पुलिस की ओर से घटना के संबंध में आगे की जांच या किसी शिकायत पर कार्रवाई की जानकारी भी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
गैस सिलिंडर की खराबी को नजरअंदाज न करें
राप्तीनगर में हुई यह घटना घरेलू गैस सिलिंडर के इस्तेमाल के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को सामने लाती है।
घरों में खाना बनाने के लिए एलपीजी सिलिंडर का व्यापक इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में सिलिंडर, रेगुलेटर, पाइप या अन्य उपकरणों में खराबी होने पर उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
यदि गैस की गंध महसूस हो तो माचिस, लाइटर या किसी भी तरह की खुली आग का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
गैस रिसाव की आशंका होने पर बिजली के स्विच भी चालू या बंद नहीं करने चाहिए, क्योंकि चिंगारी पैदा होने का खतरा हो सकता है।
सुरक्षित होने पर गैस की आपूर्ति बंद कर देनी चाहिए और संबंधित गैस एजेंसी या अधिकृत आपातकालीन सेवा से संपर्क करना चाहिए।
अधिकृत तकनीशियन से ही कराएं मरम्मत
घरेलू गैस सिलिंडर में खराबी आने पर उसकी जांच और मरम्मत प्रशिक्षित तथा अधिकृत तकनीशियन से कराना जरूरी है।
बिना उचित जानकारी के सिलिंडर, रेगुलेटर या गैस पाइप से छेड़छाड़ करना खतरनाक हो सकता है।
गैस उपकरणों की जांच के दौरान आसपास आग जलाने या ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, जिनसे चिंगारी निकल सकती है।
यदि गैस रिसाव की आशंका हो तो लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए और सहायता मिलने तक प्रभावित स्थान से दूरी बनाए रखनी चाहिए।
इस घटना में हॉकर को बुलाया गया था, लेकिन आग लगने की वास्तविक तकनीकी वजह की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए किसी व्यक्ति की लापरवाही को जांच से पहले अंतिम रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
हादसे के बाद घायलों के उपचार पर नजर
राप्तीनगर फेज एक में शनिवार सुबह हुई इस घटना में चार लोग झुलसे हैं। इनमें 75 वर्षीय रंजन दास, उनकी पत्नी और गैस एजेंसी का हॉकर इंद्रेश शामिल हैं।
तीन घायलों का उपचार बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल में चल रहा है, जबकि इंद्रेश निजी अस्पताल में भर्ती है।
शाहपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई।
फिलहाल, गैस सिलिंडर की खराबी ठीक करते समय लगी आग का सटीक कारण स्पष्ट नहीं है। घटना ने घरेलू गैस उपकरणों के इस्तेमाल और उनकी मरम्मत के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने की आवश्यकता को एक बार फिर सामने रखा है।