Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश। राष्ट्रीय हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ नई FIR दर्ज होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहत्रा ने भाजपा सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार विपक्षी नेताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज कर रही है और उन्हें जेल में डालने के लिए अदालत में उच्च कोटि के वकीलों की नियुक्ति कर रही है।
सपा विधायक रविदास मेहत्रा ने कहा, “भाजपा विपक्ष की आवाज़ को दबाने के लिए दमन, अन्याय और तानाशाही का सहारा ले रही है। ये कार्रवाई चुनावी राजनीति का हिस्सा लगती है, ताकि जनता में डर और असुरक्षा का माहौल बनाया जा सके।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार द्वारा दायर की गई FIR पूरी तरह राजनीतिक साजिश पर आधारित है और इसका मकसद केवल कांग्रेस नेताओं को बदनाम करना है।
इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने भी मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि राष्ट्रीय हेराल्ड मामले में आरोप पूरी तरह निराधार हैं और कानूनी प्रक्रियाओं का सहारा लेकर वह अपने नेताओं का बचाव करेगी। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “यह केवल राजनीतिक उत्पीड़न है। लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाना किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि FIR का समय और उसकी प्रकृति चुनावी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। अगले साल होने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र इसे विपक्ष को कमजोर करने की रणनीति माना जा रहा है।
विधायक रविदास मेहत्रा ने आगे कहा कि विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ ऐसे झूठे मामलों से जनता में लोकतंत्र पर विश्वास कमजोर होगा। उन्होंने सरकार से अपील की है कि वह राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति बंद करे और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करे। इस मामले ने उत्तर प्रदेश की सियासी सरगर्मी को और बढ़ा दिया है। अब देखना यह है कि कांग्रेस अपने नेताओं की सुरक्षा और कानूनी लड़ाई में किस तरह आगे बढ़ती है और भाजपा सरकार इस मामले को कैसे निपटाती है।
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