मथुरा: दीपावली से पहले उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने नकली पनीर बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। शेरगढ़ थाना क्षेत्र के नारायणगढ़ गांव में संचालित पनीर निर्माण इकाई पर छापेमारी के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ। यहां पनीर तैयार करने के लिए दूध के साथ व्हाइटनिंग एजेंट और अन्य रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा था। विभाग ने मौके पर 350 किलोग्राम दूषित पनीर और 3000 लीटर दूध नष्ट कराया है। खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना मिली थी कि शेरगढ़ क्षेत्र के नारायणगढ़ गांव में मिलावटी पनीर तैयार किया जा रहा है। सूचना के आधार पर मंगलवार शाम विभागीय टीम ने गांव में तस्लीम नामक व्यक्ति की पनीर निर्माण इकाई पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान टीम को मौके पर स्किम्ड मिल्क पाउडर, रानीपाल व्हाइटनिंग एजेंट, पापड़ी नामक रसायन, रिफाइंड पामोलीन तेल और सोयाबीन दाल सहित कई सामग्रियां मिलीं। अधिकारियों के अनुसार, इन पदार्थों का इस्तेमाल पनीर तैयार करने में किया जा रहा था।
खतरनाक रसायनों से तैयार किया जा रहा था पनीर
जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि पनीर को अधिक सफेद और आकर्षक दिखाने के लिए व्हाइटनिंग एजेंट का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके अलावा अन्य रसायन भी निर्माण सामग्री में शामिल मिले। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार तैयार पनीर का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। विशेष रूप से त्योहारों के दौरान पनीर की मांग बढ़ने पर मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं और कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने का प्रयास करते हैं।
लाखों रुपये की सामग्री मिली
छापेमारी के दौरान टीम ने पनीर, दूध और अन्य खाद्य सामग्रियों के नमूने लिए। मौके से 75 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर, 60 किलोग्राम सोयाबीन दाल, 225 किलोग्राम पामोलीन तेल, 1200 ग्राम पापड़ी और 500 ग्राम रानीपाल केमिकल भी मिला। इन सामग्रियों के नमूने प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर रसायनों की वास्तविक पहचान और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की स्थिति स्पष्ट होगी।
87 हजार रुपये से अधिक का पनीर नष्ट
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मौके पर तैयार रखे 350 किलोग्राम दूषित पनीर को नष्ट करा दिया। इसकी अनुमानित कीमत 87,500 रुपये बताई गई है। इसके अलावा 3000 लीटर दूध भी नष्ट कराया गया। अन्य सामग्री को विभाग ने सील कर दिया है। इस मामले में पनीर निर्माण इकाई के संचालक तस्लीम के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सहायक आयुक्त खाद्य जतिन कुमार सिंह ने बताया कि त्योहारों के मद्देनजर मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारी सीजन में बढ़ाई गई निगरानी
दीपावली के आसपास मिठाइयों, दूध, मावा और पनीर की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से निर्माण इकाइयों और खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थ खरीदते समय गुणवत्ता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की शिकायत संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग से की जा सकती है।
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