गाजियाबाद न्यूज़: क्राइम ब्रांच ने दिल्ली पुलिस का दरोगा बनकर वसूली करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी दसवीं पास है. वह दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में विवादित संपत्ति, किराएदारों से मकान खाली कराने तथा प्लॉट-मकान से कब्जा हटवाने के नाम पर वसूली करता था. लोनी के एक मामले में दिल्ली पुलिस के दरोगा के अनावश्यक दखल की सूचना पर क्राइम ब्रांच अलर्ट हुई तो फर्जी दरोगा बेनकाब हो गया.
एडीसीपी क्राइम सच्चिदानंद ने बताया कि क्राइम ब्रांच ने लोनी थानाक्षेत्र से थाना खेकड़ा बागपत के गांव गोठरा के रहने वाले योगेश कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया है. वह मूलरूप से थाना कोतवाली शामली के गांव कंडेला का रहने वाला है. योगेश दिल्ली पुलिस का दरोगा बनकर लोगों पर रौब गांठता था और वर्दी पहनकर अवैध वसूली करता था. उसके कब्जे से दरोगा की पांच वर्दी, स्टार, शोल्डर बैज, बेल्ट, फर्जी आईकार्ड बरामद हुआ है. एडीसीपी ने बताया कि योगेश कुमार शर्मा फर्जी दरोगा बनकर विवादित जमीनों पर कब्जा कराने और कब्जा हटवाने, किराएदारों से भवन खाली कराने तथा संपत्ति को लेकर होने वाले विवादों में लोगों पर रौब गांठता था और अवैध वसूली करता था.
हरिद्वार में तीन साल भूमिगत रहा योगेश कुमार शर्मा दसवीं पास है. वह दिल्ली में पहले बस चलाता था. बस बंद होने पर उसने कर्जा लेकर अपनी बस बना ली. बस में काफी घाटा होने पर वह कर्ज में डूब गया. लोगों के तगादों से बचने के लिए वह तीन साल के लिए भूमिगत हो गया. इस दौरान वह हरिद्वार के आश्रम में रहा. तीन साल बाद वह इंदिरापुरम में आकर सहरावत की बस चलाने लगा. योगेश की गलत संगति के चलते उसकी पत्नी ने भी उसे छोड़ दिया, जिसके बाद वह बागपत के गांव गोठरा में रहने लगा. इस दौरान उसने पैसा कमाने के लिए ग्रामीणों को खुद का परिचय दिल्ली पुलिस के दरोगा के रूप में दिया. योगेश सुबह वर्दी पहनकर गांव से निकलता था .