अयोध्या। उत्तर प्रदेश की रामनगरी अयोध्या में दीपावली से पहले लगातार मिल रही बम धमाकों की धमकियों ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अयोध्या के साथ काशी और मथुरा को निशाना बनाने की धमकी के बाद अब एक स्कूल को भेजे गए ई-मेल का मामला सामने आया है। खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से भेजे गए धमकी भरे संदेश में 8 नवंबर को दीपावली के दिन धमाके करने और 27 नवंबर तक ऐसी घटनाओं का सिलसिला जारी रखने की चेतावनी दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश एटीएस और साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि, ई-मेल भेजने वाले की पहचान और धमकी की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार 4 नवंबर को अयोध्या, वाराणसी और मथुरा से जुड़े शिक्षण संस्थानों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की धमकी सामने आई थी। इसके बाद अयोध्या के आईसीएसई बोर्ड से संचालित परमा एकेडमी स्कूल को भेजे गए ई-मेल की जानकारी भी सामने आई। स्कूल प्रबंधन ने धमकी की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। इसी तरह अंबेडकरनगर के रेडियंट कॉलेज और नवदीप कॉलेज को भी धमकी भरे संदेश मिलने की खबर है। इन घटनाओं के सामने आने के बाद संबंधित जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
धमकी भरे ई-मेल में दीपावली को लेकर आपत्तिजनक और भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया गया है। संदेश में 8 नवंबर को अयोध्या, काशी और मथुरा में विस्फोट करने की बात लिखी गई है। इसके अलावा 27 नवंबर तक अलग-अलग स्थानों पर धमाके जारी रखने की चेतावनी दी गई है। ई-मेल में अभिभावकों को बच्चों को स्कूल नहीं भेजने और लोगों को धार्मिक स्थलों से दूर रहने की धमकी भी दी गई है।ई-मेल में खालिस्तान समर्थक नारे और कुछ व्यक्तियों के नाम लिखे गए हैं। संदेश भेजने वाले ने खुद को कथित तौर पर खालिस्तान नेशनल आर्मी से जुड़ा बताया है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ई-मेल वास्तव में किसी संगठन से संबंधित व्यक्ति ने भेजा है या फिर किसी ने संगठन का नाम इस्तेमाल करके डर फैलाने की कोशिश की है। जांच पूरी होने से पहले किसी संगठन की संलिप्तता को प्रमाणित नहीं माना जा सकता।
इस मामले में सबसे चिंताजनक बात यह है कि धमकी देने वालों ने स्कूलों और धार्मिक स्थलों का उल्लेख किया है। दीपावली के दौरान अयोध्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की संभावना रहती है। राम मंदिर सहित शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी तरह की धमकी को गंभीरता से लिया जा रहा है।अयोध्या जिला न्यायालय को भी धमकी भरा ई-मेल मिलने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को दोपहर करीब 12 बजकर 25 मिनट पर जिला न्यायालय की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर धमकी वाला संदेश प्राप्त हुआ। इसके बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पीयूष त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर न्यायालय परिसर की सुरक्षा मजबूत करने की आवश्यकता जताई।
पत्र में न्यायालय के प्रवेश और निकास द्वारों पर सघन जांच, संदिग्ध व्यक्तियों तथा वस्तुओं की तलाशी, बम निरोधक दस्ते और श्वान दस्ते से जांच कराने का अनुरोध किया गया है। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से प्रभावी निगरानी और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती पर जोर दिया गया है।धमकी भरे ई-मेल की जांच में साइबर सेल की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच एजेंसियां ई-मेल के तकनीकी विवरण, भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए नेटवर्क और संभावित स्रोत की जानकारी जुटा रही हैं। यूपी एटीएस भी इस मामले में सक्रिय है। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती धमकी देने वाले की वास्तविक पहचान करना और यह पता लगाना है कि संदेश का उद्देश्य दहशत फैलाना है या इसके पीछे किसी गंभीर आपराधिक साजिश की तैयारी की गई है।
बताया जा रहा है कि ई-मेल में वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों का भी उल्लेख किया गया है। इसके जरिए हिंसा की धमकी देने वाली भाषा का इस्तेमाल किया गया है। संदेश में कुछ प्रसिद्ध व्यक्तियों को लेकर भी आपत्तिजनक बातें लिखी गई हैं। सुरक्षा एजेंसियां इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही हैं।इस बीच अयोध्या के अलावा वाराणसी और मथुरा में भी सुरक्षा संबंधी सतर्कता बढ़ाई गई है। धार्मिक स्थलों, शिक्षण संस्थानों, न्यायालय परिसरों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर निगरानी को विशेष महत्व दिया जा रहा है। त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने की संभावना को देखते हुए पुलिस किसी भी संदिग्ध गतिविधि की अनदेखी नहीं करना चाहती।
अयोध्या में इससे पहले भी न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। फरवरी 2026 में ऐसी धमकियों के बाद सुरक्षा संबंधी जांच कराई गई थी। अब दीपावली से ठीक पहले सामने आए नए ई-मेल ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं। अभी तक उपलब्ध रिपोर्टों में किसी स्कूल या धार्मिक स्थल से विस्फोटक बरामद होने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के लिए धमकी की सच्चाई सामने लाने के साथ-साथ आम लोगों के बीच अनावश्यक भय और अफवाहों को रोकना भी महत्वपूर्ण है।
अधिकारियों की ओर से लोगों को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने और अपुष्ट संदेशों को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से बचने की सलाह दी जा रही है। दीपावली से पहले सामने आए इस मामले में अब सभी की नजरें जांच एजेंसियों की कार्रवाई और धमकी भेजने वाले की पहचान पर टिकी हैं।