सहारनपुर। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और इसके रेस्ट एरिया को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति देने की तैयारी तेज कर दी गई है। यात्रियों के सफर को अधिक आरामदायक और सुरक्षित बनाने के लिए एनएचएआई की ओर से एक्सप्रेसवे पर अत्याधुनिक रेस्ट एरिया विकसित किए जा रहे हैं। इनमें पार्किंग, विश्राम स्थल, रेस्टोरेंट, एटीएम, ईवी चार्जिंग स्टेशन और पेट्रोल पंप जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इन सुविधाओं को लगातार संचालित रखने के लिए बिजली आपूर्ति सबसे महत्वपूर्ण जरूरत है। इसी को देखते हुए विद्युत विभाग ने नानौता स्थित 220 केवी सब स्टेशन से बड़गांव विद्युत उपकेंद्र तक 33 केवी की नई विद्युत लाइन बिछाने का काम शुरू किया है। इस लाइन के लिए पोल लगाने का अधिकांश काम पूरा हो चुका है।
विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार नई लाइन तैयार होने के बाद बड़गांव उपकेंद्र से एक्सप्रेसवे के बड़गांव इंटरचेंज और रेस्ट एरिया को अलग से बिजली आपूर्ति दी जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक्सप्रेसवे से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाएं ग्रामीण बिजली आपूर्ति की समय सीमा पर निर्भर न रहें।
वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य रूप से करीब 12 घंटे बिजली आपूर्ति की व्यवस्था रहती है, जबकि एक्सप्रेसवे और रेस्ट एरिया के लिए 24 घंटे लगातार बिजली जरूरी होगी। यहां यात्रियों की आवाजाही दिन और रात दोनों समय रहेगी। ऐसे में रेस्टोरेंट, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, ईवी चार्जिंग, एटीएम और अन्य सुविधाओं को लगातार बिजली की जरूरत पड़ेगी।
विभागीय जेई कोमल प्रसाद के अनुसार नानौता से बड़गांव विद्युत उपकेंद्र तक नई 33 केवी लाइन का काम तेजी से चल रहा है। पोल लगाने का काम लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही बाकी तकनीकी कार्य पूरे किए जाएंगे। इसके बाद एक्सप्रेसवे के बड़गांव इंटरचेंज और रेस्ट एरिया के लिए अलग बिजली आपूर्ति शुरू की जाएगी।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों के लिए रेस्ट एरिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यहां लोग अपनी गाड़ी पार्क कर आराम कर सकेंगे, भोजन कर सकेंगे और जरूरत के अनुसार अन्य सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे।
ईवी चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था खास तौर पर इलेक्ट्रिक वाहन चालकों के लिए महत्वपूर्ण होगी। आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए एक्सप्रेसवे पर चार्जिंग सुविधा को जरूरी बुनियादी ढांचे के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए 24 घंटे बिजली आपूर्ति अनिवार्य होगी।
रेस्ट एरिया में एटीएम की सुविधा भी प्रस्तावित है, जिससे यात्रियों को नकदी की जरूरत होने पर शहर या कस्बे में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसी तरह पेट्रोल पंप और अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध होने से लंबी दूरी की यात्रा आसान होगी।
एनएचएआई का फोकस एक्सप्रेसवे को केवल तेज यातायात का माध्यम बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक ऐसे कॉरिडोर के रूप में विकसित करना है जहां यात्रियों को रास्ते में जरूरी सुविधाएं भी मिल सकें। इसी योजना के तहत पार्किंग और विश्राम स्थलों को आधुनिक रूप दिया जा रहा है।
रेस्ट एरिया में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था भी सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। रात के समय पार्किंग, प्रवेश और निकास मार्गों के अलावा रेस्टोरेंट और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगातार रोशनी की जरूरत होगी। निर्बाध बिजली आपूर्ति से इन सभी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा।
एक्सप्रेसवे के बड़गांव इंटरचेंज क्षेत्र में बिजली की अलग व्यवस्था होने से स्थानीय ग्रामीण आपूर्ति पर अतिरिक्त दबाव भी कम होगा। यदि एक्सप्रेसवे की सुविधाओं को ग्रामीण फीडर से ही बिजली दी जाती तो बिजली की बढ़ी हुई मांग का असर आसपास के गांवों की आपूर्ति पर पड़ सकता था। अलग 33 केवी लाइन से इस समस्या से बचने की कोशिश की जा रही है।
नई लाइन के माध्यम से बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनाने का लक्ष्य रखा गया है। बिजली विभाग लाइन तैयार होने के बाद आवश्यक परीक्षण करेगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से एक्सप्रेसवे और रेस्ट एरिया को आपूर्ति शुरू की जाएगी।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे उत्तर भारत की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल है। इसके शुरू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय कम होने की उम्मीद है। इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा।
बड़गांव क्षेत्र में रेस्ट एरिया और इंटरचेंज विकसित होने से स्थानीय स्तर पर भी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। यहां वाहनों की आवाजाही बढ़ने के साथ खानपान, वाहन सेवाओं और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
यात्रियों के लिए 24 घंटे चालू रेस्ट एरिया लंबी यात्रा के दौरान राहत का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। खास तौर पर रात के समय यात्रा करने वाले लोगों के लिए सुरक्षित पार्किंग, साफ-सफाई, भोजन, ईंधन और चार्जिंग की सुविधाएं उपयोगी होंगी।
बिजली विभाग और एनएचएआई के बीच इस परियोजना को लेकर समन्वय किया जा रहा है। बिजली लाइन तैयार होने के बाद ट्रांसफार्मर और अन्य जरूरी उपकरणों की व्यवस्था भी पूरी की जाएगी, ताकि रेस्ट एरिया में सभी सुविधाओं को पर्याप्त लोड मिल सके।
फिलहाल नानौता से बड़गांव उपकेंद्र तक 33 केवी लाइन के लिए पोल लगाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसके बाद तार खींचने और अन्य तकनीकी कार्य तेजी से किए जाएंगे। विभाग का लक्ष्य है कि एक्सप्रेसवे की सुविधाएं शुरू होने से पहले बिजली आपूर्ति पूरी तरह तैयार हो जाए।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर 24 घंटे बिजली की व्यवस्था यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नई लाइन चालू होने के बाद बड़गांव इंटरचेंज और रेस्ट एरिया को अलग फीडर से बिजली मिलेगी, जिससे यहां मौजूद सभी आधुनिक सुविधाएं बिना रुकावट संचालित की जा सकेंगी।