चित्रकूट। भाद्रपद अमावस्या पर्व पर चित्रकूट में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए परिवहन निगम ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम आवागमन के लिए चार डिपो से 120 अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा। ये अतिरिक्त बसें 10 से 12 सितंबर तक यात्रियों की सुविधा के लिए उपलब्ध रहेंगी।

परिवहन निगम के अधिकारियों के अनुसार, अमावस्या मेले के दौरान चित्रकूट में करीब पांच लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई है।

चित्रकूट डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) राकेश कुमार पांडेय ने बताया कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए आसपास के डिपो से बसों को चित्रकूट भेजा जाएगा। इसके तहत बांदा डिपो से 40, महोबा डिपो से 30, राठ डिपो से 25 और हमीरपुर डिपो से 25 अतिरिक्त बसें संचालित की जाएंगी।

उन्होंने बताया कि अतिरिक्त बसों के संचालन से स्थानीय बस सेवाओं पर यात्रियों का दबाव कम होगा। श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य तक पहुंचने में आसानी होगी और भीड़ के समय आवागमन व्यवस्था को बेहतर बनाए रखा जा सकेगा।

भाद्रपद अमावस्या के अवसर पर चित्रकूट में धार्मिक महत्व के प्रमुख स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। बड़ी संख्या में लोग मंदाकिनी नदी में स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहुंचते हैं। इसी कारण हर वर्ष अमावस्या मेले के दौरान परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया जाता है।

इस बार 11 सितंबर को अमावस्या पर्व पड़ रहा है। ऐसे में एक दिन पहले से ही श्रद्धालुओं के चित्रकूट पहुंचने का सिलसिला शुरू होने की संभावना है। पर्व के बाद भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के वापस लौटने की उम्मीद है। यात्रियों की इस आवाजाही को देखते हुए परिवहन निगम ने तीन दिनों तक विशेष बस संचालन की योजना बनाई है।

परिवहन विभाग ने संबंधित डिपो अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी बसों का संचालन निर्धारित समय के अनुसार किया जाए। साथ ही बसों की उपलब्धता, चालक-परिचालकों की तैनाती और यात्रियों की सुविधा से जुड़े सभी इंतजाम समय से पूरे किए जाएं।

मेले के दौरान प्रत्येक बस से कम से कम चार फेरे कराने की योजना बनाई गई है। इससे कम समय में अधिक यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सकेगा। अधिकारियों ने कहा है कि बसों के संचालन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अतिरिक्त बसों के संचालन के लिए रूटों की समीक्षा भी की जा रही है। जिन मार्गों पर श्रद्धालुओं की अधिक आवाजाही रहने की संभावना है, वहां बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा यात्रियों को समय पर बस सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाई जाएगी।

परिवहन निगम का प्रयास है कि अमावस्या मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराई जा सके। अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक आयोजन के दौरान भीड़ प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती होती है, इसलिए पहले से तैयारी कर व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग के बीच बेहतर समन्वय के लिए भी योजनाएं तैयार की गई हैं। मेले के दौरान आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या, बसों की जरूरत और यातायात व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी।

चित्रकूट में भाद्रपद अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। हर वर्ष इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सहित आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसी को देखते हुए परिवहन निगम ने इस बार भी विशेष बस सेवा की व्यवस्था की है, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा आसान और परेशानी मुक्त हो सके।

Tags: