हापुड़ : जनपद में अवैध कच्ची शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में आबकारी विभाग की टीम ने गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के चकलठीरा के जंगल में छापेमारी कर अवैध शराब बनाने के कारोबार का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से 90 लीटर कच्ची शराब बरामद की, जबकि करीब 800 किलोग्राम लहन को नष्ट कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, आबकारी विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के चकलठीरा के जंगलों में कुछ लोग अवैध रूप से कच्ची शराब का निर्माण कर रहे हैं। सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने जंगल क्षेत्र में पहुंचकर अभियान चलाया। अचानक हुई कार्रवाई से अवैध शराब बनाने वालों में हड़कंप मच गया।
छापेमारी के दौरान आबकारी विभाग की टीम को जंगल में शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा सामान और भारी मात्रा में लहन मिला। टीम ने मौके से तैयार की गई करीब 90 लीटर कच्ची शराब बरामद की। इसके अलावा शराब बनाने के लिए तैयार किया गया लगभग 800 किलोग्राम लहन भी बरामद हुआ, जिसे विभागीय अधिकारियों ने मौके पर ही नष्ट करा दिया।
आबकारी अधिकारियों के अनुसार, अवैध कच्ची शराब का निर्माण लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होता है। इस तरह की शराब से जहां राजस्व का नुकसान होता है, वहीं इसके सेवन से गंभीर घटनाएं भी हो सकती हैं। इसी को देखते हुए विभाग की ओर से लगातार अभियान चलाकर अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि जनपद में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और ओवररेटिंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभाग की टीमें लगातार क्षेत्रों में निगरानी रख रही हैं और सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जिले में किसी भी कीमत पर अवैध शराब का कारोबार नहीं चलने दिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से शराब का निर्माण या बिक्री करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बेचने वालों पर भी विभाग की नजर है।
आबकारी विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध शराब बनाने या बेचने की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। खासकर जंगल, सुनसान क्षेत्रों और उन स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, जहां चोरी-छिपे कच्ची शराब तैयार किए जाने की संभावना रहती है।
गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई को आबकारी विभाग की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि अवैध शराब के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार छापेमारी और जांच अभियान चलाए जाएंगे। अधिकारियों ने साफ किया है कि जनपद में अवैध गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।