बरेली में पकड़े गए धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी
BARELI बरेली: बरेली पुलिस द्वारा पकड़े गए धर्मांतरण गिरोह की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया कि गिरोह से जुड़ा मदरसा असल में अनरजिस्टर्ड था और इसका इस्तेमाल केवल फंडिंग और अवैध गतिविधियों के संचालन के लिए किया जा रहा था। जांच में यह बात सामने आई कि मदरसे का उपयोग पढ़ाई-लिखाई के नाम पर धर्मांतरण और अन्य गैरकानूनी कार्यों के लिए किया जा रहा था। एसपी (दक्षिण) अंशिका वर्मा ने बताया कि यह संस्था सोसाइटी के रूप में रजिस्टर थी, लेकिन उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया। इसके बावजूद इसे मदरसे की तरह चलाया जा रहा था। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि इस इमारत को गिराने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में कोई भी अवैध गतिविधि नहीं हो सके।
गिरोह का मास्टरमाइंड अब्दुल मजीद बताया जा रहा है, जिसने इस मदरसे का संचालन किया। पुलिस ने पिछले हफ्ते मजीद समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था। इन आरोपियों पर यह भी आरोप है कि वे हिंदुओं को शादी और पैसों का लालच देकर धर्मांतरण कराते थे। जांच में यह भी सामने आया कि मदरसे से एक युवक को जबरन धर्मांतरण और शादी के लिए बंधक बनाया गया था, जिसे पुलिस ने समय रहते छुड़ाया। एसपी ने बताया कि इस गिरोह की पहचान और गतिविधियों की पूरी पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में चेतावनी दी है कि धर्मांतरण जैसे अवैध कार्यों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, प्रशासन ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे अवैध मदरसों के संचालन पर विशेष नजर रखी जाएगी। इस खुलासे के बाद बरेली में धर्मांतरण और अवैध संस्था चलाने के मामलों में सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध संस्था या गतिविधि की सूचना तुरंत दें।