कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने SIR और अपराध मामलों को लेकर उठाए गंभीर सवाल

Update: 2026-01-09 17:38 GMT
Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने उत्तर प्रदेश सरकार पर राज्य में नागरिकों के खिलाफ बड़ी लापरवाही और गंभीर अपराधों को लेकर कड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हाल ही में चलाए गए SIR (Service Information Register) अभियान में लगभग 3 करोड़ नाम हटा दिए गए और रिपोर्ट के अनुसार 2 करोड़ 17 लाख लोग गायब हैं। सुप्रिया ने यह सवाल उठाया कि इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार और ज्ञानेश कुमार को जवाब देना चाहिए। उनका कहना है कि यह पूरे प्रदेश का अपमान है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सुप्रिया ने कहा कि SIR के इस कार्य में हुई कथित अनियमितताओं ने नागरिकों के अधिकारों और सरकारी सेवाओं तक उनकी पहुंच पर गंभीर असर डाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की कार्रवाई से गरीब और कमजोर वर्ग के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा उन्होंने हाल के अपराध मामलों का भी हवाला दिया। सुप्रिया ने मेरठ में दलित महिला की हत्या और कानपुर में एक पुलिस अधिकारी द्वारा लड़की को स्कॉर्पियो में खींचकर रेप करने के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार इन गंभीर अपराधों के लिए भी जवाबदेह है। उन्होंने सवाल किया कि इन घटनाओं का जवाब कौन देगा और न्याय कैसे सुनिश्चित किया जाएगा।
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, “राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। जहां नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस और सरकार की है, वहीं यह जिम्मेदारी सही ढंग से निभाई नहीं जा रही। अगर शासन और पुलिस भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाएगी, तो आम लोग लगातार असुरक्षा और भय का सामना करेंगे। कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा और सार्वजनिक मंचों पर उठाएगी और दोषियों को कानून के तहत सजा दिलाने तक पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की जनता इस तरह की अनियमितताओं और अपराधों के खिलाफ जागरूक हो और सरकार को जवाबदेह ठहराए।
सुप्रिया श्रीनेत के इस बयान से उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था, पुलिस जवाबदेही और SIR डेटा हेरफेर पर राजनीतिक बहस तेज हो सकती है। उनके अनुसार, ये मामले न केवल प्रशासनिक लापरवाही बल्कि राज्य की प्रतिष्ठा को भी प्रभावित करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि विपक्ष का यह तीखा हमला सरकार के लिए राजनीतिक दबाव बढ़ा सकता है, खासकर जब बात आम जनता की सुरक्षा और सरकारी नीतियों की पारदर्शिता की हो। सुप्रिया श्रीनेत ने अंत में यह स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी का लक्ष्य केवल आलोचना नहीं, बल्कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और राज्य में कानून और व्यवस्था को मजबूत बनाना है।
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