लखनऊ। फेम इंडिया मैगजीन और एशिया पोस्ट के संयुक्त 'बेस्ट चीफ मिनिस्टर सर्वे 2026' में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पहला स्थान मिलने का दावा किया गया है। उपलब्ध सर्वे विवरण के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1000 में से 897 अंक हासिल किए हैं। वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 881 अंकों के साथ दूसरे और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा 874 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर बताए गए हैं। सर्वे में सामने आए इन आंकड़ों ने तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के प्रशासनिक कामकाज और शासन से जुड़े मूल्यांकन को चर्चा में ला दिया है।
सर्वे के जारी विवरण के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सर्वाधिक अंक दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और अधिक आबादी वाले राज्य के मुख्यमंत्री को इस सर्वे में शीर्ष स्थान दिया जाना राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से चर्चा का विषय है। हालांकि, यह एक पत्रिका और सर्वे संस्था की ओर से किया गया मूल्यांकन है, न कि किसी संवैधानिक संस्था या सरकारी निकाय की आधिकारिक रैंकिंग।
योगी आदित्यनाथ को मिले 897 अंक
फेम इंडिया मैगजीन और एशिया पोस्ट के संयुक्त सर्वे के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कुल 1000 में से 897 अंक दिए गए हैं। इस तरह उनका स्कोर 89.7 प्रतिशत रहा।योगी आदित्यनाथ मार्च 2017 से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। उनके नेतृत्व में राज्य सरकार ने बुनियादी ढांचे, निवेश, औद्योगिक विकास, कानून-व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है।प्रदेश में एक्सप्रेसवे, औद्योगिक परियोजनाओं, सड़क संपर्क और निवेश आकर्षित करने से जुड़े कार्य सरकार की नीतियों का हिस्सा रहे हैं। वहीं, कानून-व्यवस्था, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे विषयों पर सरकार के कामकाज को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर अलग-अलग आकलन भी सामने आते रहे हैं।सर्वे में योगी आदित्यनाथ को मिले अंकों का आधार किन विशिष्ट मानकों पर निर्धारित किया गया, इसकी पूरी पद्धति का स्वतंत्र सत्यापन अभी आवश्यक है।
धामी और हिमंत बिस्वा सरमा को भी शीर्ष तीन में स्थान
सर्वे के मुताबिक, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को 881 अंक मिले। वह योगी आदित्यनाथ से 16 अंक पीछे रहे। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को 874 अंक दिए गए, जो धामी से सात अंक कम हैं।सर्वे की सूची में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को 856 अंकों के साथ चौथा और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 844 अंकों के साथ पांचवां स्थान दिया गया है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू 842 अंकों के साथ छठे स्थान पर हैं।
कुल 15 मुख्यमंत्रियों को सर्वे में मिली जगह
फेम इंडिया की 1 नवंबर को जारी रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे के अंतिम परिणामों में 15 मुख्यमंत्रियों को शामिल किया गया है। पहले दस को 'सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री' श्रेणी में रखा गया, जबकि अगले पांच को 'मुख्यमंत्री पंचरत्न' श्रेणी में स्थान दिया गया।सातवें स्थान पर सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग को 838 अंक, आठवें पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को 827 अंक, नौवें पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को 803 अंक और दसवें पर मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा को 802 अंक मिले।मुख्यमंत्री पंचरत्न श्रेणी में महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, दिल्ली की रेखा गुप्ता, जम्मू-कश्मीर के उमर अब्दुल्ला, गुजरात के भूपेंद्र पटेल और राजस्थान के भजनलाल शर्मा शामिल हैं।
तीन से चार महीने तक चली सर्वे प्रक्रिया
फेम इंडिया और एशिया पोस्ट के अनुसार, सर्वेक्षण लगभग तीन से चार महीने की अवधि में तीन चरणों में पूरा किया गया।पहले चरण में सोशल मीडिया और पारंपरिक मीडिया में मुख्यमंत्रियों से संबंधित प्रतिक्रियाओं और जनधारणाओं का अध्ययन किया गया। दूसरे चरण में विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्ध व्यक्तियों और विशिष्ट लोगों की राय ली गई। तीसरे चरण में आम नागरिकों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव और विचार जानने का दावा किया गया है।इसके बाद प्राप्त जानकारियों का विश्लेषण कर 1000 अंकों की मूल्यांकन प्रणाली में परिणाम तैयार किए गए।
दस मानकों के आधार पर किया गया मूल्यांकन
सर्वे आयोजकों ने मुख्यमंत्रियों के मूल्यांकन के लिए दस मानक निर्धारित किए थे। इनमें सुशासन, कानून-व्यवस्था, व्यक्तित्व, सार्वजनिक छवि, कार्यक्षमता, प्रभाव, विभागों की समझ, लोकप्रियता, दूरदर्शिता तथा कार्यशैली और परिणाम शामिल थे।सुशासन के अंतर्गत पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासनिक सेवाओं की गुणवत्ता को महत्व दिया गया। वहीं कानून-व्यवस्था में नागरिक सुरक्षा और अपराध नियंत्रण जैसे पहलुओं को शामिल किया गया।सर्वे में नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की प्रक्रिया, प्रशासनिक समन्वय और योजनाओं के परिणामों को भी मूल्यांकन का हिस्सा बताया गया है।
सर्वे के परिणामों को लेकर क्या है महत्वपूर्ण बात?
फेम इंडिया और एशिया पोस्ट की यह एक निजी सर्वेक्षण रिपोर्ट है। इसके नतीजों को देश के सभी मुख्यमंत्रियों के प्रदर्शन का आधिकारिक सरकारी मूल्यांकन नहीं माना जाना चाहिए।आयोजकों ने सर्वे की व्यापक प्रक्रिया और मानकों की जानकारी दी है। हालांकि, सार्वजनिक रिपोर्ट में कुल उत्तरदाताओं की संख्या, राज्यों के अनुसार नमूना आकार और सांख्यिकीय त्रुटि-सीमा का पूरा विवरण स्पष्ट नहीं है। इसलिए परिणामों की व्याख्या करते समय इन सीमाओं को ध्यान में रखना आवश्यक है।
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