लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल का एकात्म मानव दर्शन समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को स्वावलंबी बनाने की प्रेरणा देता है। उनके विचार आज भी देश के विकास और जनकल्याण की दिशा में प्रासंगिक हैं।
सीएम योगी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को हुआ था। वर्ष 1942 में वह आरएसएस के प्रचारक बने और राष्ट्रसेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया। 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और 1967 में उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। 11 फरवरी 1968 को उनका निधन हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में अंत्योदय की अवधारणा को योजनाओं के जरिए जमीन पर उतारा गया है। उनके मुताबिक, चार करोड़ लोगों को आवास, 12 करोड़ को शौचालय, 10 करोड़ को उज्ज्वला गैस कनेक्शन और 3.5 करोड़ को बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। करीब 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इन प्रयासों से 26 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं।
योगी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने कांग्रेस की तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार के खिलाफ विपक्षी एकता को मजबूत करने में भूमिका निभाई थी। उनका मानना था कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही विचार आज भी अंत्योदय की नीतियों का आधार है।
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