गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर को नगरीय जीवन की सुविधाओं में सुधार के लिए करीब 880 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार शहरों में बेहतर सड़क, जलनिकासी, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। इस दौरान उन्होंने वर्ष 2017 से पहले की समाजवादी पार्टी सरकार पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में विकास कार्यों को बाधित किया गया और माफिया संस्कृति को संरक्षण मिला।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नगरीय विकास से जुड़ी परियोजनाओं को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी शहर के समग्र विकास के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा आवश्यक है। सड़क, जलनिकासी, स्वच्छता और सीवरेज जैसी सुविधाएं नागरिकों के दैनिक जीवन को सीधे प्रभावित करती हैं। ऐसे में सरकार का प्रयास है कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
गोरखपुर में जिन प्रमुख परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया है, उनमें गोड़धोइया नाला परियोजना भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना के प्रथम चरण का लोकार्पण किया। इसके साथ ही परियोजना के अगले चरण और नाले के किनारे सड़क निर्माण से संबंधित कार्यों का शिलान्यास भी किया गया।
गोड़धोइया नाला परियोजना के पहले चरण पर 495.24 करोड़ रुपये की लागत बताई गई है। यह परियोजना शहर में जलनिकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गोरखपुर में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या लंबे समय से नागरिकों के लिए परेशानी का कारण रही है। ऐसे में नालों के विकास और जलनिकासी की क्षमता बढ़ाने वाली परियोजनाओं से प्रभावित इलाकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने गोड़धोइया नाला परियोजना के दूसरे चरण का भी शिलान्यास किया, जिसकी लागत 92.72 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा नाले के दोनों किनारों पर 65.93 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण की योजना को भी आगे बढ़ाया गया है। इन सड़कों के बनने से संबंधित क्षेत्रों में आवागमन के अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं और आसपास की बस्तियों का सड़क संपर्क बेहतर होने की संभावना है।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने गोरखपुर सीवरेज योजना के जोन-ए-3 की आधारशिला रखी। अमृत 2.0 कार्यक्रम के अंतर्गत प्रस्तावित इस परियोजना की लागत 721.40 करोड़ रुपये है। इसके तहत शहर के 17 वार्डों में लगभग 350 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाने और 43,604 घरों को सीवर कनेक्शन देने की योजना है। इस परियोजना से घरेलू अपशिष्ट जल के बेहतर प्रबंधन और शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
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मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में विकास की योजनाओं को अपेक्षित गति नहीं मिल पाती थी। उन्होंने पिछली सरकारों पर कानून-व्यवस्था की अनदेखी और अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप लगाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने विकास कार्यों के साथ कानून-व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी है। ये आरोप मुख्यमंत्री के राजनीतिक बयान हैं, न कि स्वतंत्र रूप से स्थापित निष्कर्ष।
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योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में विकास और सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि बेहतर कानून-व्यवस्था से निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिला है। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास से आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।
गोरखपुर में जलभराव और सीवरेज प्रबंधन लंबे समय से महत्वपूर्ण नागरिक मुद्दे रहे हैं। बरसात के दौरान कई क्षेत्रों में पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। गोड़धोइया नाला परियोजना को इसी समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
परियोजना के पहले चरण के अंतर्गत पक्के नाले के निर्माण के साथ इंटरसेप्टिंग सीवर लाइन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य अपशिष्ट जल के उचित निस्तारण और जलनिकासी की क्षमता को बेहतर बनाना है। हालांकि, परियोजना से नागरिकों को वास्तविक लाभ उसके प्रभावी संचालन और नियमित रखरखाव पर निर्भर करेगा।
गोड़धोइया नाले के किनारे प्रस्तावित सड़क निर्माण भी शहरी संपर्क व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। करीब 7.75 किलोमीटर लंबाई में सड़क विकसित करने की योजना है। इसमें सुरक्षा अवरोधक, पौधरोपण और प्रकाश व्यवस्था जैसे कार्य भी प्रस्तावित हैं। सड़क बनने के बाद आसपास के आवासीय क्षेत्रों में आवागमन के नए विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं।
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मुख्यमंत्री के गोरखपुर दौरे में चौरीचौरा क्षेत्र की विकास परियोजनाएं भी शामिल रहीं। यहां रेल ओवरब्रिज सहित विभिन्न कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। पूरे जिले के लिए घोषित विकास कार्यों का कुल मूल्य करीब 1,663 करोड़ रुपये बताया गया है। इनमें शहरी जलनिकासी, सीवरेज, सड़क संपर्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं को आम जनता की जरूरतों से जोड़ना है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही उन्होंने पिछली सरकारों की कार्यशैली की आलोचना करते हुए कहा कि विकास के लिए स्पष्ट नीति और मजबूत इच्छाशक्ति आवश्यक है।
गोरखपुर में इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को बेहतर जलनिकासी, स्वच्छता और सड़क सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से सीवरेज योजना के पूरा होने से हजारों घरों को व्यवस्थित सीवर नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा। वहीं, नाले और सड़क निर्माण से प्रभावित इलाकों की बुनियादी सुविधाओं में सुधार की संभावना है।
इस प्रकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोरखपुर दौरा विकास परियोजनाओं के साथ राजनीतिक बयानबाजी को लेकर भी चर्चा में रहा। एक ओर उन्होंने करीब 880 करोड़ रुपये की नई शहरी परियोजनाओं की आधारशिला रखी और गोड़धोइया नाला परियोजना का पहला चरण जनता को समर्पित किया, वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी पर विकास बाधित करने तथा माफिया संस्कृति को बढ़ावा देने के आरोप लगाए।