वाराणसी : 15 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को वाराणसी में आयोजित 'स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह' में हिस्सा लिया। इस अवसर पर 600 से अधिक सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता कर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें समाज की नींव बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता मित्रों के परिश्रम और समर्पण से ही शहरों की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होती है। समाज को उनके योगदान का सम्मान करना चाहिए।
76 दिवसीय स्वच्छता अभियान का हुआ समापन
वाराणसी के कबीरचौरा स्थित सरोजा पैलेस में आयोजित इस समारोह में बड़ी संख्या में स्वच्छता कर्मी, उनके परिवार के सदस्य, जनप्रतिनिधि और अन्य लोग शामिल हुए। यह कार्यक्रम शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में चलाए गए 76 दिवसीय स्वच्छता अभियान के समापन के अवसर पर आयोजित किया गया था।इस अभियान का नेतृत्व पूर्व मंत्री एवं शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने किया। अभियान के दौरान विभिन्न वार्डों में स्वच्छता को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने और लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास किए गए।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अभियान को एक अभिनव पहल बताते हुए डॉ. नीलकंठ तिवारी के प्रयासों की सराहना की।
स्वच्छता मित्र समाज की नींव के पत्थर: योगी
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वच्छता कर्मी समाज की व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब अधिकांश लोग अपने घरों में आराम कर रहे होते हैं, तब स्वच्छता मित्र सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई में जुटे रहते हैं।उन्होंने सफाई कर्मचारियों को समाज की नींव का पत्थर बताते हुए कहा कि इनका सम्मान करना बहुत बड़ी बात है।कार्यक्रम के दौरान नगर निगम और जलकल विभाग से जुड़े 600 से अधिक सफाई कर्मियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वयं मंच पर 11 स्वच्छता कर्मियों को सम्मानित किया। अन्य कर्मचारियों का भी अभिनंदन किया गया।
सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में हो ऐसे अभियान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वच्छता को लेकर जिस तरह का प्रयास वाराणसी के शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में किया गया है, उसी तरह की पहल प्रदेश के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में जनप्रतिनिधि इसी प्रकार सक्रिय होकर काम करें, तो व्यापक स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन और प्रशासन की अपनी जिम्मेदारियां होती हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों की पहुंच सीधे आम जनता तक होती है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच रहकर सामाजिक कार्यों में भागीदारी निभानी चाहिए।उन्होंने विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी के 76 दिवसीय अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अवधि में हजारों लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया गया।
समाज को परिवार मानने वाले ही ला सकते हैं बदलाव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में जनसेवा और सामाजिक जिम्मेदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज, प्रदेश और देश को अपना परिवार मानकर कार्य करते हैं, वही वास्तविक परिवर्तन ला सकते हैं।उन्होंने जनप्रतिनिधियों को संदेश दिया कि जनता की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए सक्रिय रहना आवश्यक है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक जागरूकता और जनभागीदारी से ही विकास कार्यों को प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने स्वच्छता जैसे अभियानों को नियमित रूप से आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
काशी में स्वच्छता और विकास कार्यों का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में वाराणसी में हुए विकास और स्वच्छता संबंधी बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले शहर में सफाई, यातायात और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई समस्याएं थीं।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। उन्होंने शहर में स्वच्छता व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं में हुए सुधारों का उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि काशी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को बनाए रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाया गया है।समारोह के अंत में स्वच्छता कर्मियों के योगदान की सराहना की गई। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता अभियान में नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।