लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अदम्य साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को वीरता पदक प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को भी नमन किया और उनके परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी किया गया।

समारोह में मुख्यमंत्री ने एसटीएफ के शहीद निरीक्षक सुनील कुमार की पत्नी मुनेश देवी को नगद धनराशि और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मी कठिन परिस्थितियों में अपनी जान जोखिम में डालकर प्रदेश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने का कार्य करते हैं। ऐसे पुलिसकर्मियों का साहस पूरे समाज के लिए प्रेरणा है।

निरीक्षक सुनील कुमार ने 20 जनवरी 2025 को शामली जिले के झिंझाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में अदम्य साहस का परिचय दिया था। मुठभेड़ के दौरान उन्होंने अपनी टीम के साथ चार अपराधियों का सामना किया। इस कार्रवाई में चारों अपराधी मारे गए, लेकिन कर्तव्य निभाते हुए निरीक्षक सुनील कुमार भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में उन्होंने वीरगति प्राप्त की।

उनके साहस और बलिदान को देखते हुए स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई। यह सम्मान देश में शांतिकाल के दौरान असाधारण वीरता के लिए दिए जाने वाले प्रमुख वीरता पुरस्कारों में से एक है। सुनील कुमार को मिले इस सम्मान को उत्तर प्रदेश पुलिस और विशेष कार्य बल के लिए भी गौरव का विषय माना गया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुलिस बल का मनोबल ऊंचा रखना सरकार की प्राथमिकता है। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई, कानून व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी दिन-रात काम करते हैं। कई बार उन्हें ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जहां एक गलत कदम भी जानलेवा हो सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों की वीरता का सम्मान केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं है, बल्कि यह पूरे पुलिस बल के समर्पण और अनुशासन को सम्मान देने का माध्यम है। उन्होंने सम्मानित पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं।

शहीद निरीक्षक सुनील कुमार की पत्नी मुनेश देवी को सम्मानित किए जाने के दौरान कार्यक्रम का माहौल भावुक हो गया। मुख्यमंत्री ने उन्हें अंगवस्त्र और नगद धनराशि प्रदान करते हुए परिवार के प्रति राज्य सरकार की संवेदना और सम्मान व्यक्त किया।

सुनील कुमार का नाम उत्तर प्रदेश पुलिस के उन अधिकारियों में शामिल है जिन्होंने अपराधियों से मुकाबला करते हुए अपनी जान गंवाई। झिंझाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान उन्होंने पीछे हटने के बजाय अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए कार्रवाई जारी रखी थी।

इस मुठभेड़ में चार अपराधियों के मारे जाने के बाद भी पुलिस टीम को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था। सुनील कुमार की भूमिका को बाद में विभागीय स्तर पर भी विशेष रूप से सराहा गया।

समारोह में पुलिस सेवा के कई अन्य जवानों और अधिकारियों को भी वीरता पदक देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित पुलिसकर्मियों से कहा कि वे आगे भी ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

कार्यक्रम में पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी किया गया। प्रकाश सिंह ने पुलिस सेवा में लंबे समय तक कार्य किया है और उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक पद की जिम्मेदारी भी संभाली है। उनकी पुस्तक में पुलिस सेवा, प्रशासन और अपने लंबे अनुभवों से जुड़े विभिन्न पहलुओं का उल्लेख किया गया है।

मुख्यमंत्री ने पुस्तक के विमोचन के अवसर पर कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभव नई पीढ़ी के पुलिसकर्मियों के लिए उपयोगी हो सकते हैं। पुलिस सेवा में अनुशासन के साथ-साथ परिस्थितियों को समझने और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी बेहद महत्वपूर्ण होती है।

कार्यक्रम में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस बल के आधुनिकीकरण पर भी जोर दिया गया। राज्य सरकार पिछले कुछ वर्षों से पुलिसकर्मियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।

अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में एसटीएफ की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। संगठित अपराध, बड़े अपराधियों और गंभीर मामलों में एसटीएफ की टीमें विशेष अभियान चलाती हैं। ऐसी कार्रवाइयों में जवानों को कई बार गंभीर जोखिम उठाना पड़ता है।

सुनील कुमार ने भी इसी जिम्मेदारी को निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। उनकी वीरता को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों के परिवारों के प्रति सरकार की जिम्मेदारी हमेशा बनी रहेगी।

पुलिसकर्मियों के सम्मान का उद्देश्य यह संदेश देना भी है कि उत्कृष्ट कार्य और साहस को सरकार की ओर से पूरा सम्मान मिलेगा। इससे पुलिस बल के अन्य जवानों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।

समारोह में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने भी शहीद सुनील कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उनकी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा हमेशा पुलिस बल के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।

स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किए जाने की घोषणा ने शहीद सुनील कुमार के परिवार और पुलिस विभाग के लिए सम्मान का एक और अध्याय जोड़ा है। यह सम्मान उनके उस साहस की पहचान है जो उन्होंने अपराधियों से मुकाबले के दौरान दिखाया था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समारोह के माध्यम से पुलिसकर्मियों के योगदान को सम्मानित करने के साथ यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका सबसे अहम है।

लोक भवन में आयोजित यह कार्यक्रम वीरता, बलिदान और कर्तव्यनिष्ठा को समर्पित रहा। एक ओर बहादुर पुलिसकर्मियों को वीरता पदक दिए गए, वहीं दूसरी ओर शहीद निरीक्षक सुनील कुमार के परिवार को सम्मान देकर उनके बलिदान को नमन किया गया।

समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित पुलिसकर्मियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि उनका साहस आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।

Tags: