ससुर की हत्या में शालू को क्लीन चिट, अब रिहाई का इंतजार
बेगुनाह साबित हुई बहू शालू
कानपुर : ससुर की हत्या के मामले में जेल में बंद बहू शालू को जांच में बेगुनाह पाए जाने के बावजूद अभी दो दिन और जेल में रहना होगा। मामले में पुलिस जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर शालू की हत्या में भूमिका नहीं मिलने की बात सामने आई है। इसके बाद उसकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ, लेकिन कानूनी और न्यायिक प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण उसे तत्काल जेल से बाहर नहीं निकाला जा सका।
शालू को अपने ससुर की हत्या से जुड़े मामले में आरोपी बनाया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की। घटनाक्रम से जुड़े लोगों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और अन्य तथ्यों की जांच के दौरान शालू के खिलाफ हत्या में शामिल होने के पर्याप्त प्रमाण नहीं मिले।
पुलिस जांच में बेगुनाही सामने आने के बाद शालू और उसके परिवार को रिहाई की उम्मीद थी। बताया जा रहा है कि संबंधित आदेश और आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किया जा रहा था। जेल से किसी बंदी की रिहाई के लिए अदालत से संबंधित दस्तावेज और आदेश जेल प्रशासन तक पहुंचना जरूरी होता है।
इसी प्रक्रिया के कारण शालू को बेगुनाह पाए जाने के बावजूद कुछ समय और जेल में बिताना पड़ेगा। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने और रिहाई से संबंधित आदेश जेल प्रशासन को मिलने के बाद ही उसे बाहर निकाला जा सकेगा। मामले ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि जिस महिला को ससुर की हत्या के आरोप में जेल भेजा गया, जांच आगे बढ़ने पर उसके खिलाफ आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। अब परिवार को उसकी रिहाई का इंतजार है।
पुलिस की जांच में हत्या के वास्तविक घटनाक्रम और इसमें शामिल आरोपियों की भूमिका को लेकर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं शालू की रिहाई के लिए जरूरी न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे जेल से बाहर आने की अनुमति मिलेगी।