बिजनौर : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में तेंदुए की दहशत के बीच वन विभाग की ओर से लगाए गए पिंजरे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में कुछ बच्चे मस्ती करते हुए नजर आए। वहीं, हैरानी की बात यह रही कि तेंदुए को आकर्षित करने के लिए पिंजरे में रखा गया मुर्गा भी गायब मिला। इस घटना के बाद वन विभाग और ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
तेंदुए की लगातार मौजूदगी से गांव के लोग पहले से ही डरे हुए हैं। वन विभाग ने तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए इलाके में पिंजरा लगाया था। आमतौर पर ऐसे पिंजरों में शिकार या चारे के रूप में किसी जानवर को रखा जाता है, ताकि तेंदुआ उसकी ओर आकर्षित होकर अंदर आ जाए। लेकिन यहां मामला उल्टा नजर आया, जहां तेंदुआ तो नहीं आया, बल्कि बच्चे पिंजरे के पास पहुंचकर उसमें खेलते दिखे।
बच्चों ने नहीं समझा खतरे को
वायरल वीडियो में कुछ बच्चे पिंजरे के अंदर और आसपास घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। बच्चे इसे किसी खेल की चीज समझकर मस्ती करते नजर आए। हालांकि, ग्रामीणों और वन विभाग के लिए यह चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा किसी भी समय खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता था।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, तेंदुआ बेहद तेज और खतरनाक शिकारी होता है। अगर किसी कारण से तेंदुआ पिंजरे के पास मौजूद होता या अचानक वहां पहुंच जाता तो बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी। ऐसे में ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है।
पिंजरे में रखा मुर्गा भी गायब
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरे में मुर्गा रखा था। माना जा रहा था कि उसकी आवाज और गंध से तेंदुआ आकर्षित होकर पिंजरे तक पहुंच सकता है। लेकिन जब टीम ने पिंजरे की जांच की तो मुर्गा गायब मिला।
इसके बाद यह सवाल उठने लगा कि आखिर मुर्गा कहां गया। क्या उसे किसी अन्य जानवर ने ले लिया या फिर किसी इंसान ने उसे निकाल लिया। वन विभाग इस पूरे मामले की जांच कर रहा है।
तेंदुए की तलाश में जुटी वन विभाग की टीम
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग लगातार अभियान चला रहा है। टीम इलाके में गश्त कर रही है और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसके लिए कैमरे लगाने और पिंजरे के जरिए उसे पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि तेंदुए को पकड़ने में समय लग सकता है, क्योंकि जंगली जानवर अक्सर इंसानों की मौजूदगी को भांपकर अपना स्थान बदल लेते हैं। इसलिए लोगों से अपील की जा रही है कि वे वन विभाग के निर्देशों का पालन करें।
ग्रामीणों में बना हुआ है डर
तेंदुए के गांव के आसपास घूमने की खबर के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है। लोग शाम के बाद अकेले बाहर निकलने से बच रहे हैं। खेतों में जाने वाले किसान भी समूह बनाकर काम करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ अगर जल्द नहीं पकड़ा गया तो किसी बड़ी घटना की आशंका बनी रहेगी। खासकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर लोग ज्यादा चिंतित हैं।
वन विभाग ने जारी की चेतावनी
वन विभाग ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि वे तेंदुए को देखने पर उसके करीब जाने की कोशिश न करें। इसके अलावा पिंजरे या वन विभाग द्वारा लगाए गए उपकरणों से छेड़छाड़ न करें।
अधिकारियों ने कहा है कि तेंदुए को पकड़ने के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाए जा रहे हैं। लोगों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
बच्चों के पिंजरे में मस्ती करने वाला वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। कई लोगों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और प्रशासन से सख्ती बरतने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों से जुड़े मामलों में जागरूकता बेहद जरूरी है। बच्चों और ग्रामीणों को यह समझना होगा कि ऐसे पिंजरे मनोरंजन की चीज नहीं बल्कि खतरनाक जानवरों को पकड़ने के लिए लगाए जाते हैं।
फिलहाल वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने के प्रयास में जुटी हुई है। अब देखना होगा कि तेंदुआ कब तक पकड़ में आता है और ग्रामीणों को इस डर से कब राहत मिलती है।
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