सहारनपुर: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी प्रकरण की जांच के सिलसिले में सीबीआई ने रविवार, 18 अक्टूबर को अभिनेत्री उर्मिला सनव्वर से करीब चार घंटे पूछताछ की। जांच टीम सहारनपुर के गोविंदनगर स्थित उनके आवास पर पहुंची थी। अधिकारियों ने मामले से जुड़े उनके दावों और उपलब्ध जानकारी को लेकर सवाल किए। पूछताछ का विस्तृत आधिकारिक ब्योरा फिलहाल सार्वजनिक नहीं हुआ है। 
दोपहर दो बजे पहुंची टीम, शाम छह बजे तक सवाल-जवाब
सामने आई जानकारी के अनुसार, सीबीआई की टीम दोपहर करीब दो बजे उर्मिला के घर पहुंची और शाम लगभग छह बजे तक उनसे बातचीत की। इस दौरान अंकिता भंडारी प्रकरण से संबंधित दस्तावेज भी मांगे गए। उर्मिला ने अधिकारियों को कुछ दस्तावेज दिखाए और ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सुनाई। हालांकि, इन सामग्रियों से जांच को क्या जानकारी मिली, इस पर एजेंसी की ओर से कोई निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।
पूछताछ के बाद उर्मिला ने बताया कि अधिकारियों ने उनसे जो सवाल किए, उन्होंने उनके जवाब दिए हैं। उनके मुताबिक, सीबीआई ने उन्हें आगे की पूछताछ के लिए दोबारा दिल्ली बुलाया है। उन्होंने नारको परीक्षण से संबंधित पत्र पर हस्ताक्षर करने का दावा भी किया। यह जानकारी उर्मिला के बयान पर आधारित है; परीक्षण की तारीख या उसके आयोजन की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। 
शनिवार को भी आवास पर पहुंची थी सीबीआई
जांच टीम इससे एक दिन पहले शनिवार को भी उर्मिला के आवास पर गई थी। उस समय उनके दिल्ली में होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी थी। बताया गया कि वह अंकिता के माता-पिता के साथ राष्ट्रपति को ज्ञापन देने के लिए दिल्ली गई थीं। टीम घर पर मौजूद केयरटेकर से जानकारी लेकर लौट गई थी।
रविवार को दोबारा पहुंची टीम ने उनसे विस्तार से सवाल-जवाब किए। पूछताछ के बाद उर्मिला ने सवालों के तरीके पर आपत्ति भी जताई। उनका आरोप था कि अधिकारी अधूरे सवाल लेकर आए थे। इस टिप्पणी पर सीबीआई की विस्तृत प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। इसलिए पूछताछ के तरीके को लेकर उनकी बात को अभिनेत्री के आरोप के रूप में ही देखा जा रहा है। 
सुरेश राठौर से भी हो चुकी है पूछताछ
इससे पहले शनिवार को सीबीआई ने हरिद्वार में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर से पूछताछ की थी। उन्हें भेल स्थित शिवालिक गेस्ट हाउस में बुलाया गया था। यह कार्रवाई उर्मिला और राठौर के बीच बताई गई बातचीत की प्रसारित रिकॉर्डिंग से जुड़े घटनाक्रम के बीच हुई है। इन रिकॉर्डिंग में अंकिता भंडारी मामले के कथित वीआईपी को लेकर दावे किए गए थे। ऑडियो सामने आने के बाद विवाद बढ़ा और अलग-अलग स्थानों पर मुकदमे भी दर्ज हुए। फिलहाल सीबीआई की पूछताछ को उन दावों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल के रूप में देखा जा रहा है। किसी व्यक्ति से सवाल-जवाब होने को उसके खिलाफ आरोप सिद्ध होने के बराबर नहीं माना जा सकता। 
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
सितंबर 2022 में उत्तराखंड के ऋषिकेश के पास वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या हुई थी। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और दो अन्य दोषियों को अदालत उम्रकैद की सजा सुना चुकी है। इसके बावजूद परिजन कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों की जांच की मांग कर रहे हैं। 
परिवार का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर हाल में दिल्ली में भी गतिविधियां और प्रदर्शन हुए हैं। अंकिता के माता-पिता ने राजनीतिक प्रतिनिधियों से मुलाकात कर अपनी मांग रखी है। कथित वीआईपी से जुड़े आरोपों का संबंधित पक्ष ने खंडन किया है। ऐसे में इन आरोपों को जांच का विषय माना जाना जरूरी है, स्थापित तथ्य नहीं।  सहारनपुर में हुई पूछताछ के बाद अब उर्मिला की ओर से प्रस्तुत सामग्री और उनके बयानों पर आगे की कार्रवाई का इंतजार है। उपलब्ध जानकारी में सीबीआई ने न तो पूछताछ के सभी सवाल सार्वजनिक किए हैं और न ही किसी नए निष्कर्ष की घोषणा की है। आगे की जांच से ही स्पष्ट होगा कि प्रस्तुत दस्तावेज और रिकॉर्डिंग इस प्रकरण में कितने प्रासंगिक हैं।
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