
चित्रकूट। अन्ना मवेशी को बचाने के चक्कर में चालक कार से नियंत्रण खो बैठा। कार पलटने से वह उसके नीचे दब गया और उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। घर से महज दो किमी पहले हादसा होने से परिजनों का रोरोकर हाल बेहाल हो गया।
परिजनों के मुताबिक, रमाशंकर (32) पुत्र शारदा रविवार को निजी कार से खोर गांव अपनी रिश्तेदारी में गया था। सोमवार को लौटते समय सुबह लगभग नौ बजे उफरौली-सिरावल मार्ग पर सामने बैठे अन्ना मवेशियों को बचाने के चक्कर में उसने अपनी स्विफ्ट से नियंत्रण खो दिया और कार अनियंत्रित होकर पलट गई। इससे रमाशंकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके साथ बैठे परिवारी पुनीत और परमानंद को भी चोटें आईं।
रमाशंकर की सीएचसी में इलाज के दौरान सांसें थम गईं। दुखद बात यह कि हादसा घर से महज दो किमी की दूरी पर हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस घटना से परिवार में रोना पीटना मच गया। पत्नी संगीता का विलाप सुन लोगों की आंखें नम हो गईं। उसके एक दो वर्षीय पुत्र रिहान है। रमाशंकर ट्रक चालक था और कुछ दिन पहले ही सिरावल आया था।