प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आवासीय प्लॉट खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने आवंटन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब आवेदकों को प्लॉट पाने के लिए लॉटरी या ड्रॉ का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्राधिकरण ने शुक्रवार से ‘प्रथम आगत-प्रथम पावत’ यानी ‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ व्यवस्था शुरू कर दी है। इसके तहत आवेदक ऑनलाइन उपलब्ध प्लॉट देख सकेंगे और अपनी पसंद के अनुसार संपत्ति का चयन कर सकेंगे। पहले चरण में छह आवासीय योजनाओं के कुल 465 खाली प्लॉट बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए हैं।

नई व्यवस्था का उद्देश्य लंबे समय से खाली पड़े आवासीय प्लॉटों की बिक्री को आसान बनाने के साथ आवंटन प्रक्रिया को सरल करना है। अब इच्छुक व्यक्ति को किसी योजना के लिए आवेदन करने के बाद ड्रॉ निकलने का इंतजार नहीं करना होगा। ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध संपत्तियों में से प्लॉट चुनकर निर्धारित प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। जो आवेदक पहले निर्धारित प्रक्रिया पूरी करेगा, उसे संबंधित प्लॉट के आवंटन में प्राथमिकता मिलेगी।

अभी तक विकास प्राधिकरण की विभिन्न आवासीय योजनाओं में प्लॉटों का आवंटन मुख्य रूप से आवेदन और लॉटरी या ड्रॉ की प्रक्रिया के जरिए होता रहा है। इसमें आवेदन करने के बाद आवेदकों को परिणाम का इंतजार करना पड़ता था। कई बार एक ही संपत्ति या योजना के लिए अधिक आवेदन आने पर लॉटरी के माध्यम से आवंटी का चयन किया जाता था। नई व्यवस्था में इस प्रक्रिया को बदलते हुए उपलब्ध प्लॉटों को सीधे ऑनलाइन चयन के लिए रखा गया है।

पीडीए ने पहले चरण में अपनी छह आवासीय योजनाओं को इस व्यवस्था में शामिल किया है। इन योजनाओं में कुल 465 ऐसे प्लॉट चिह्नित किए गए हैं, जो अभी तक खाली पड़े थे। इन संपत्तियों को अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है। आवेदक प्लॉट की लोकेशन, क्षेत्रफल और अन्य उपलब्ध विवरण देखने के बाद अपनी जरूरत और बजट के मुताबिक संपत्ति चुन सकेंगे।

‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ व्यवस्था का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि आवेदक को प्लॉट चुनने में पहले की तुलना में ज्यादा विकल्प मिलेगा। पहले आवेदन करने के बाद आवंटी को प्रक्रिया के परिणाम पर निर्भर रहना पड़ता था। अब वह उपलब्ध संपत्तियों की सूची देखकर यह तय कर सकेगा कि उसे किस योजना और किस स्थान पर प्लॉट लेना है।

इस व्यवस्था से प्राधिकरण को लंबे समय से खाली पड़ी संपत्तियों के निस्तारण में भी मदद मिलने की उम्मीद है। विभिन्न आवासीय योजनाओं में ऐसे प्लॉट मौजूद हैं, जिनका अलग-अलग कारणों से आवंटन नहीं हो सका था या जो बाद में खाली रह गए। अब इन संपत्तियों को एक साथ ऑनलाइन उपलब्ध कराने से खरीदारों तक उनकी जानकारी आसानी से पहुंच सकेगी।

ऑनलाइन प्रक्रिया होने से आवेदकों को बार-बार प्राधिकरण कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत भी कम हो सकती है। इच्छुक खरीदार उपलब्ध संपत्तियों की जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे। पसंद का प्लॉट उपलब्ध होने पर उसके लिए आवेदन और निर्धारित भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। हालांकि आवंटन अंतिम रूप से पीडीए की निर्धारित शर्तों और दस्तावेजों के सत्यापन के अधीन रहेगा।

प्राधिकरण की इस पहल से उन लोगों को विशेष राहत मिल सकती है जो प्रयागराज में आवासीय प्लॉट खरीदना चाहते हैं, लेकिन लॉटरी आधारित प्रक्रिया के कारण अपनी पसंद की संपत्ति मिलने को लेकर अनिश्चित रहते थे। अब उपलब्धता के आधार पर पसंद का प्लॉट चुनने की सुविधा मिलने से खरीदार पहले ही जान सकेगा कि वह किस संपत्ति के लिए आवेदन कर रहा है।

नई व्यवस्था में समय भी महत्वपूर्ण रहेगा। चूंकि आवंटन ‘प्रथम आगत-प्रथम पावत’ के आधार पर किया जाएगा, इसलिए किसी प्लॉट में एक से ज्यादा लोगों की रुचि होने की स्थिति में पहले प्रक्रिया पूरी करने वाले पात्र आवेदक को प्राथमिकता मिल सकती है। ऐसे में इच्छुक लोगों के लिए उपलब्ध प्लॉटों की सूची और संबंधित नियमों को ध्यान से देखना जरूरी होगा।

पीडीए की छह योजनाओं में उपलब्ध कराए गए 465 प्लॉटों के जरिए नई व्यवस्था की शुरुआत की गई है। इसके परिणामों के आधार पर आगे अन्य खाली संपत्तियों को भी इसी तरीके से बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे एक ओर प्राधिकरण की खाली संपत्तियों का निस्तारण होगा, वहीं दूसरी ओर लोगों को आवासीय संपत्ति खरीदने का सीधा विकल्प मिलेगा।

प्रयागराज में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार के बीच आवासीय संपत्तियों की मांग भी बनी हुई है। शहर के बाहरी क्षेत्रों में नई कॉलोनियों और आवासीय योजनाओं के विकास के साथ लोग व्यवस्थित क्षेत्रों में जमीन खरीदने के विकल्प तलाशते हैं। विकास प्राधिकरण की योजनाओं में उपलब्ध प्लॉट ऐसे खरीदारों के लिए एक विकल्प हो सकते हैं।

नई प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होगा। ऑनलाइन उपलब्ध प्लॉटों की स्थिति, बुकिंग और आवंटन से संबंधित जानकारी नियमित रूप से अपडेट होने से आवेदकों को यह पता चल सकेगा कि कौन-सी संपत्ति उपलब्ध है और कौन-सी पहले ही चुनी जा चुकी है।

फिलहाल पीडीए ने शुक्रवार से नई व्यवस्था लागू कर दी है और पहले चरण में 465 रिक्त प्लॉट इसके दायरे में रखे गए हैं। इसके साथ ही प्रयागराज में विकास प्राधिकरण की आवासीय संपत्ति खरीदने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव हो गया है। अब लॉटरी या ड्रॉ का इंतजार करने के बजाय इच्छुक आवेदक उपलब्ध विकल्पों में से अपनी पसंद का प्लॉट चुनकर ‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ के आधार पर आवंटन प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।

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